औलाद की कामना को दंडवत कांवड़ ला रहे अनिल, भोलेनाथ पर अटूट आस्था
सावन माह में भगवान शिव के प्रति अनिल भोला की अटूट आस्था का उदाहरण पेश हुआ है। हरिद्वार से संतान सुख की मनोकामना लेकर कांवड़ यात्रा कर रहे अनिल ने पांच साल से संतान प्राप्ति की कामना की है। उन्होंने भक्ति और तपस्या के साथ शिव दरबार की ओर बढ़ते हुए राहगीरों और श्रद्धालुओं को भी भावुक किया।

सावन माह में भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था और कठिन तपस्या का एक अनूठा उदाहरण सामने आया है। हस्तिनापुर के प्रताप नगर निवासी अनिल भोला संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर हरिद्वार से दंडवत कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। उनका दृढ़ विश्वास है कि भोलेनाथ की कृपा से उनकी यह मन्नत अवश्य पूरी होगी। बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मवाना गंग नहर पटरी पर पहुंचे अनिल ने बताया कि उनकी शादी को पांच वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें संतान सुख नहीं मिला है। उसी मनोकामना के साथ उन्होंने हरिद्वार से 22 जुलाई को यह कठिन कांवड़ यात्रा शुरू की थी। वह पूरे मार्ग में भगवान शिव का स्मरण करते हुए लेटकर आगे बढ़ रहे हैं। इसी अटूट विश्वास के साथ अनिल अब संतान प्राप्ति की कामना लेकर बाबा भोलेनाथ के दरबार की ओर बढ़ रहे हैं। मवाना गंग नहर पटरी पर उनकी इस कठिन शिवभक्ति और तपस्या को देखकर राहगीर व अन्य श्रद्धालु भी भावुक हो उठे और सभी ने बाबा भोलेनाथ से उनकी मनोकामना शीघ्र पूर्ण करने की प्रार्थना की।
पहले भी कर चुके हैं अनोखी कांवड़ यात्रा
अनिल ने बताया कि यह पहली बार नहीं है कि वह ऐसी कठिन यात्रा कर रहे हैं। इससे पहले वह अपने दादा-दादी और माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से ला चुके हैं। पिछले वर्ष उन्होंने अपने छोटे भाई के साथ मिलकर माता-पिता को कांवड़ में बैठाया था और छोटे भाई के शीघ्र विवाह की प्रार्थना की थी। शिव कृपा से इसी वर्ष उनके भाई का विवाह भी संपन्न हो गया।


