29 से शुरू होगा सावन मास, शिवालयों में बहेगी भक्ति की गंगा
गौहनिया हिन्दुस्तान संवाद।सावन महीने में भगवान भोलेनाथ की भक्ति को लेकर भोले के भक्तों में अभी से उत्साह देखा जा रहा है। विभिन्न शिव मंदिरों में सावन

सावन महीने में भगवान भोलेनाथ की भक्ति को लेकर भोले के भक्तों में अभी से उत्साह देखा जा रहा है। विभिन्न शिव मंदिरों में सावन महीने में सोमवार को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करने का योजनाएं बनाई जा रही हैं। श्रावण मास भगवान भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। यही कारण है कि गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई से आरंभ होने वाले सावन महीने को लेकर भोलेनाथ के भक्तों में अपार उत्साह दिखाई दे रहा है। इलाके के विभिन्न शिवालयों में जहां सावन महीने में सोमवार को विभिन्न कार्यक्रम होते हैं, वहीं सावन महीना धार्मिक कार्यक्रमों तथा बड़ी संख्या में शिव भक्तों के लिए प्रसिद्ध है। सावन माह में भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, व्रत और मंत्र जाप करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है तथा भक्तों मनोकामनाएं भी पूर्ण होती हैं। ज्योतिष विशेषज्ञ पं उमेश शास्त्री दैवज्ञ ने बताया कि सावन का संबन्ध समुद्र मंथन से भी जोड़ा जाता है।
समुद्र मंथन का महत्व
पौराणिक मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए ग्रहण किया था। विष की तीव्रता को शांत करने के लिए देवताओं ने उन पर जल अर्पित किया।तभी से सावन मास में शिवलिंग पर गंगा जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है। सावन के सोमवार पर जलाभिषेक करने पर अत्यधिक महत्व दिया जाता है। भगवान भोलेनाथ का दिवस सोमवार माना जाता है।
सावन महीने में आएंगे चार सोमवार
पं उमेश शास्त्री दैवज्ञ ने ने बताया कि इस बार सावन महीने में चार सोमवार आने वाले हैं। इनमें सावन महीने का पहला सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त तथा चौथा सोमवार 24 अगस्त को है।


