राजकीय श्रावणी मेला-2026 में सुरक्षा का नया मॉडल
देवघर पुलिस ने विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 के लिए सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस बार शिवगंगा के चारों ओर चार वॉच टावर बनाए जा रहे हैं। पुलिस श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष टीम बनाई जा रही है, जो पूरे क्षेत्र में गश्त करेगी। सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

देवघर, कौशल किशोर मंडल। विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 को लेकर देवघर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर लगातार मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। देश-विदेश व विभिन्न राज्यों से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस बार कई नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। इनमें सबसे अहम शिवगंगा के चारों ओर चार वॉच टावर का निर्माण है, जहां 24 घंटे पुलिसबल की तैनाती रहेगी।
सुरक्षा व्यवस्था के नए उपाय
शिवगंगा के चारों ओर बनाए जाने वाले चारों वॉच टावरों पर अलग-अलग शिफ्ट में पुलिस पदाधिकारी व जवानों की तैनाती की जाएगी। इन टावरों से पूरे शिवगंगा और आसपास की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, भीड़ नियंत्रण अथवा आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस का मानना है कि वॉच टावर से निगरानी होने से चोरी, जेबकतरे व अन्य आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
विशेष पुलिस टीम
श्रावणी मेला में पहली बार श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए करीब 50 पुलिस पदाधिकारियों की विशेष टीम भी बनाई जा रही है। यह पुलिसकर्मी मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करेंगे। श्रद्धालुओं को बाबा मंदिर, शिवगंगा, निकास व प्रवेश मार्ग, यातायात व्यवस्था, खोया-पाया केंद्र, चिकित्सा सुविधा तथा सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएंगे। पुलिस अधिकारियों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के दर्शन कराने के साथ उन्हें सही मार्गदर्शन देना है।
अलग सुरक्षा व्यवस्था
शिवगंगा क्षेत्र में चोरी, जेबकतरे और अन्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अलग से विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। यहां अलग-अलग शिफ्ट में पुलिस पदाधिकारी और जवानों की तैनाती रहेगी, जो पूरे क्षेत्र में लगातार गश्त करेंगे। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिसबल भी लगाया जाएगा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका रोकी जा सके। मेला क्षेत्र के अलावा आसपास के इलाकों में सादे लिबास में भी पुलिस अधिकारियों को तैनात किया जाएगा। पुलिसकर्मी सामान्य श्रद्धालु और कांवरिया के वेश में भीड़ के बीच मौजूद रहेंगे और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखेंगे। विशेष रूप से ऐसे असामाजिक तत्वों और अपराधियों पर निगरानी रखी जाएंगी, जो श्रद्धालुओं की भीड़ का फायदा उठाकर चोरी, ठगी अथवा अन्य वारदातों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं।
पुलिस अधीक्षक का निर्देश
पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया है। कहा कि श्रावणी मेला में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा देवघर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आधुनिक निगरानी व्यवस्था, वॉच टावर, सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती और विशेष सहायता टीम के माध्यम से इस बार श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम मेला का अनुभव कराने की तैयारी की जा रही है।


