सिमरिया धाम धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बिहार का महत्वपूर्ण केंद्र: संयुक्त सचिव
सिमरिया धाम को मिथिला हाट की तर्ज पर विकसित बनाने को लेकर अधिकारियों ने 25 एकड़ भूमि का किया निरीक्षण

सिमरिया धाम, एक संवाददाता। बिहार सरकार के पर्यटन विभाग के संयुक्त सचिव प्रदीप कुमार ने मंगलवार को सिमरिया धाम में प्रस्तावित मिथिला हाट की तर्ज पर सिमरिया गंगा तट को विकसित बनाने को लेकर लगभग 25 एकड़ भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थल का जायजा लेते हुए अधिकारियों से भूमि की उपलब्धता, पहुंच मार्ग, आधारभूत सुविधाओं एवं पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
संभावनाएँ और योजनाएँ
निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव श्री कुमार ने कहा कि सिमरिया धाम धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बिहार का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां गंगा तट मिथिला हाट की तर्ज पर विकसित होने से स्थानीय कला, संस्कृति, हस्तशिल्प, लोक परंपराओं तथा क्षेत्रीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इस अवसर पर बीहट नगर परिषद के उप मुख्य पार्षद ऋषिकेश कुमार, मनरेगा अधिकारी बेगूसराय, बीहट नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार तथा बरौनी अंचल अधिकारी हेमंत अंकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। उपमुख्य पार्षद ने कहा कि सिमरिया धाम को मिथिला हाट की तर्ज पर विकसित किया जाना स्वर्णिम भविष्य के लिए शानदार पहल साबित होगा। सिमरिया धाम को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भूमि की उपयुक्तता और परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सिमरिया धाम के पर्यटन, संस्कृति और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। रिपोर्टर:रंजन कुमार


