DA Image
4 अगस्त, 2020|6:04|IST

अगली स्टोरी

लॉकडाउन में पूरी सैलरी न देने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई न हो, श्रम विभाग मध्यस्थता करे : सुप्रीम कोर्ट

supreme court on home delivery of liquor

कोरोना वायरस की वजह से देश में लागू हुए लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों को पूरी सैलरी के भुगतान संबंधित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कंपनियों पर कोई भी कठोर कार्रवाई न करने का आदेश दिया है। साथ ही मामले में श्रम विभाग से मध्यस्थता करने के लिए कहा है।

सुप्रीम कोर्ट में कई कंपनियों द्वारा दायर की गई कई याचिकाओं में लॉकडाउन में 54 दिनों की अवधि के लिए कर्मचारियों के पूरा वेतन देने के गृह मंत्रालय के आदेश को चुनौती दी गई थी।

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस भूषण ने कहा, 'हमने नियोक्ताओं के खिलाफ कोई बलपूर्वक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया था। पहले के आदेश जारी रहेंगे। जुलाई के अंतिम सप्ताह में केंद्र को एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करना होगा। राज्य सरकार के श्रम विभाग कर्मचारियों और नियोक्ताओं के बीच बातचीत में मदद करेंगे।' सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए केंद्र सरकार से जुलाई महीने के अंतिम सप्ताह तक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा। 

इस माह के शुरुआत में हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा था कि कर्मचारियों के दफ्तरों से उनके घरों के लिए पलायन रोकने के लिए पूरी सैलरी के भुगतान करने का आदेश दिया गया था। केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल का कहना था कि हम चाहते हैं कि अर्थव्यवस्था फिर से शुरू हो। यह नियोक्ताओं और कर्मचारियों पर है कि वे आपस में बातचीत करें कि लॉकडाउन अवधि के लिए कितने वेतन का भुगतान किया जा सकता है।

इस पर जस्टिस अशोक भूषण और एस के कौल की पीठ ने कहा था कि सरकार ने औद्योगिक विवाद अधिनियम के प्रावधानों को लागू नहीं किया है, बल्कि आपदा प्रबंधन अधिनियम को लागू किया है। क्या सरकार के पास इस तरह का आदेश जारी करने का अधिकार है कि मजदूरों को पूरा वेतन दिया जाए। भुगतान करने की आवश्यकता 50 प्रतिशत हो सकती है, लेकिन केंद्र ने 100 प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश दिया है। यह समझौता उद्योगवार हो सकता है, लेकिन 100 प्रतिशत देना संभव नहीं हो सकता।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:detailed affidavit has to be filed by Centre in last week of July order supreme court on petition full salary during 54 days lockdown