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3 जनवरी, 2021|4:06|IST

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वसुंधरा सरकार के बिल से बुरे फंसे गहलोत, उनकी मर्जी के बिना भी बन सकता है राजस्थान में 'लव जिहाद' के खिलाफ कानून

love jihad girls who change their religion and get married will be investigated afresh kanpur

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से राजस्थान धर्म स्वातंत्रता विधेयक 2008 (राजस्थान धार्मिक रूपांतरण विधेयक) को मंजूरी देने का आग्रह करेगी, जो राज्य के कानून अंतर धर्म विवाह के खिलाफ है। आपको बता दें कि राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकारों द्वारा प्रस्तावित लव जिहाद कानूनों का विरोध किया है। लेकिन अगर राष्ट्रपति इस बिल को मंजूरी दे देते हैं तो राज्य में उनकी मंजूरी भर से लव जिहाद के खिलाफ कानून बन सकता है।
 

राजस्थान के लव जिहाद कानून को पूर्व वसुंधरा राजे सरकार ने पारित किया था और पिछले 12 सालों से यह बिल राष्ट्रपति के पास लंबित है। इसमें बताया गया है कि लव जिहाद हिंदुत्व समूहों द्वारा गढ़ा गया एक शब्द है जिसे कथित तौर पर शादी की आड़ में हिंदू लड़कियों को इस्लाम कबूल करके धर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर किया जाता है।

मंगलवार को उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी जिसमें धर्म परिवर्तन के लिए शादी करने पर 10 साल तक की जेल की सजा तय की गई थी। मध्य प्रदेश सरकार ने पहले पांच साल तक की जेल का प्रस्ताव दिया था। मध्य प्रदेश सरकार ने पहले पांच साल तक की जेल का प्रस्ताव रखा था और मंगलवार को राज्य के गृह मंत्री निरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रस्तावित कानून जैसी नहीं होगी।

राजस्थान भाजपा के एक वरिष्ठ नेता नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि विधेयक को पहले 2006 में और फिर 2008 में राज्य विधानसभा में पारित किया गया था। जिसमें वर्ष 2008 में संशोधन किया गया था और अनुमोदित विधेयक राज्यपाल को भेजा गया था, जिसे बाद में सहमति के लिए राष्ट्रपति को भेज दिया गया था। विधेयक में विवाह सहित किसी का धर्म बदलने के लिए पांच साल तक की सजा और 50,000 रुपये की सजा का प्रावधान है। विधेयक में नाबालिग, एक महिला या अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति के धर्म परिवर्तन के मामले में उच्च सजा का प्रावधान है, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने भी प्रस्तावित किया है। 

राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा नेता गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि दो बार विधानसभा ने विधेयक पारित किया और राज्यपाल ने इसे मंजूरी दी। यह भारत के राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदन की प्रतीक्षा कर रहा है। हम भारत के राष्ट्रपति को विधेयक को मंजूरी देने का आग्रह करेंगे। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने इस तरह के कानून बनाए हैं और इसे अदालत में चुनौती दी गई थी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। कटारिया ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि अब कोई समस्या होगी।"

राज्य के संसदीय मामलों के मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, "भाजपा 2018 तक क्या कर रही थी, जब उनकी पार्टी राज्य और केंद्र में सत्ता में थी। वर्तमान में, विधेयक राष्ट्रपति के समक्ष लंबित है, यदि अनुमोदित हो, तो हम इसे हमारी सरकार की नीति के अनुसार मानेंगे।" मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि देश में पहले से ही जबरदस्ती धर्म परिवर्तन और छल के खिलाफ कानून है। "मुझे लगता है कि यह अनुचित है और गंभीर मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए। कानून इस तरह के मुद्दों में किसी भी तरह के बल की अनुमति नहीं देता है।

गहलोत ने पिछले हफ्ते लव जिहाद पर भाजपा के प्रस्तावित कानूनों का विरोध करते हुए कहा था कि "लव में जिहाद" नहीं है और भाजपा पर धार्मिक रेखाओं पर देश को विभाजित करने के लिए शब्द गढ़ने का आरोप लगाया।“ लव जिहाद भाजपा द्वारा राष्ट्र को विभाजित करने और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए निर्मित एक शब्द है। विवाह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है, इस पर अंकुश लगाने के लिए एक कानून लाना पूरी तरह से असंवैधानिक है और यह कानून की किसी भी अदालत में खड़ा नहीं होगा। जिहाद को प्यार में कोई जगह नहीं है। 

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  • Web Title:Despite the opposition of CM Gehlot a law can be made against the love jihad in Rajasthan with the approval of the President