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28 नवंबर, 2020|6:10|IST

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इजाजत के बावजूद किसानों का बुराड़ी जाने से इनकार, जानें क्या है मांग

दिल्ली कूच पर अड़े पंजाब-हरियाणा, समेत कई राज्यों के किसानों को पुलिस ने शुक्रवार को राजधानी में प्रवेश करने की अनुमति दे दी। सीमाएं खोल दी गईं। बुराड़ी स्थित निरंकारी समागम स्थल पर उन्हें प्रदर्शन की इजाजत भी मिल गई पर किसानों ने वहां जाने से इनकार कर दिया और रामलीला मैदान जाने पर अड़े रहे।

इससे पहले शुक्रवार सुबह किसान दिल्ली की ओर बढ़े तो सिंघू सीमा पर पुलिस के साथ जमकर झड़प हुई। यहां  पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। पाबंदियां हटा लेने के बाद भी किसान सिंघू सीमा पर डटे हैं। इसकी वजह से पूरा हाईवे जाम है। उधर, पश्चिमी यूपी में भी किसानों ने सड़क पर प्रदर्शन किया। 

निरंकारी मैदान में प्रदर्शन : दिल्ली पुलिस के पीआरओ ईश सिंघल ने कहा, किसान नेताओं के साथ चर्चा के बाद दिल्ली पुलिस ने बुराड़ी में किसानों को निरंकारी समागम मैदान पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत दी है। किसान संगठन रामलीला मैदान में प्रदर्शन करना चाहते थे पर वहां के लिए इजाजत नहीं मिली। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए किसानों को जाने की इजाजत देने के केंद्र के फैसले का स्वागत करता हूं। 

किसान आंदोलन छोड़ें, सरकार बातचीत को तैयार : तोमर
नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों से शुक्रवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आंदोलन का रास्ता छोड़ने को कहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ मुद्दों पर हमेशा चर्चा के लिए तैयार है। तोमर ने कहा, हमने किसान संगठनों से एक अन्य दौर की बातचीत के लिए 3 दिसंबर को आमंत्रित किया है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी और ठंड के चलते किसान प्रदर्शन छोड़ दें। सितंबर महीने में मोदी सरकार की तरफ से लाए गए कृषि कानूनों पर जहां एक तरफ प्रदर्शनकारी किसान सरकार से अपनी मांगें मनवाने के लिए जिद पर अड़े हैं। तो वहीं उनकी मान-मनौव्वल के भी काफी प्रयास भी किए जा रहे हैं ताकि वे प्रदर्शन का रास्ता छोड़कर बातचीत के लिए आए। 

निरंकारी मैदान तैयार : 
किसान आंदोलन के लिए निरंकारी मैदान पर तैयारियां युद्धस्तर पर की गई हैं। प्रशासन ने काफी हद तक प्रदर्शनकारियों के नेता की मांग के अनुसार मैदान पर जरूरी सुविधाएं जुटा भी ली गई हैं। डीसीपी विजयंता आर्या एवं जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ किसान संगठन के नेताओं ने शुक्रवार दोपहर को मैदान का दौरा किया। फिर यहां की तैयारियों को देखने के बाद जंतर मंतर की जगह निरंकारी मैदान पर प्रदर्शन के लिए तैयार हुए। इसके साथ ही मैदान पर सफाई कराई गई और फिर मच्छरों से निपटने के लिए फागिंग की गई। वहीं, नगर निगम द्वारा प्रकाश की व्यवस्था, पानी के टैंकर और अस्थाई शौचालय की व्यवस्था की गई। कुछ संख्या में प्रदर्शनकारी देर शाम तक पहुंचने शुरू हो गये थे। दिल्ली पुलिस ने एहतियातन मैदान के चारों तरफ भारी संख्या में सुरक्षा बल भी तैनात किए हैं।

दिन भर धरपकड़ : 
दिल्ली पुलिस शुक्रवार को सुबह से प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ में लगी रही। नई दिल्ली इलाके में प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के नेता समेत 67 लोगों को हिरासत में ले लिया। हालांकि दोपहर बाद ही पुलिस ने हिरासत में लिए लोगों को छोड़ दिया। सिंघु बार्डर पर तनाव बढ़ने के साथ ही दिल्ली में पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद थी। इस बीच सुरक्षाकर्मियों से बचते हुए प्रधानमंत्री निवास के पास आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रांत के संयोजक जरनैल सिंह पार्टी के विधायकों के साथ प्रदर्शन करने पहुंच गए। हालांकि प्रधानमंत्री आवास से पहले ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हिरासत में जरनैल सिंह के अलावा पंजाब से पार्टी के नौ विधायक भी थे। इसके अलावा जंतर मंतर के करीब पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोपहर तक पुलिस ने 67 लोगों को हिरासत में लेकर अलग अलग थानों में रखा था। फिर दोपहर बाद उन्हें प्रदर्शन न करने की हिदायत के साथ रिहा कर दिया गया। हालांकि दोपहर बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दिल्ली में प्रवेश करने एवं धरने के लिए निरंकारी मैदान पर जगह देने का निर्णय ले लिया। इसके बाद धरपकड़ बंद हो गई और पूरा जोर हरियाणा से सटे सीमा पर रहा।

दिल्ली की सीमाओं पर लंबा जाम लगा 
प्रदर्शन के कारण दिल्ली के कई इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी सीमाओं से लगे कई स्थानों पर यातायात का मार्ग बदल दिया गया है। दिल्ली से लगने वाले गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम सीमा पर वाहनों की तलाशी भी बढ़ा दी गई, जिससे वहां लंबा जाम लग गया। 

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  • Web Title:Despite permission farmers refuse to go bad know what is the demand