चार फीसदी राशन वितरण पर डीसी नाराज, अधिकारियों को सख्त हिदायत
उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में उपायुक्त ने खाद्यान्न वितरण योजनाओं की समीक्षा की। इसमें एनएफएसए, जेएसएफएसएस, चना दाल वितरण, व अन्य योजनाओं का जिक्र किया गया। 63 डुप्लीकेट लाभुकों को हटाने में प्रगति नहीं हुई है। उपायुक्त ने वितरण को तेज करने और लंबित आवेदनों का जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया।

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग की योजनाओं की समीक्षा हुई। इसमें पीवीटीजी परिवारों को खाद्यान्न वितरण, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना, डाकिया योजना, डीएसडी, नमक व मुख्यमंत्री चना दाल वितरण की प्रगति की समीक्षा की गई। 63 डुप्लीकेट लाभुकों को हटाने में प्रगति नहीं होने पर उपायुक्त ने शहरी क्षेत्र के एमओ को इस माह कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया। अगस्त में एनएफएसए व जेएसएफएसएस के करीब चार प्रतिशत लाभुकों को ही खाद्यान्न मिला है। उपायुक्त ने वितरण में तेजी लाने तथा एक सप्ताह में गोदाम से डीलरों तक खाद्यान्न पहुंचाने का निर्देश दिया।
नमक-चना दाल समेत सभी खाद्यान्न का किट बनाकर वितरण करने को कहा गया। आयकरदाता लाभुकों के पूरे परिवार का नाम राशन कार्ड से हटाने तथा लंबित आवेदनों का एक सप्ताह में निष्पादन करने को कहा गया। बैठक में ई-केवाईसी, धोती-साड़ी वितरण, गोदाम मरम्मत और दाल-भात केंद्रों की भी समीक्षा हुई।


