मछुआ समाज ने किया प्रदर्शन, मांगा एससी आरक्षण
ललितपुर में निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल के तहत मछुआ समाज ने आरक्षण के लिए प्रदर्शन किया। उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा, जिसमें पिछड़ी जाति की सूची से उनकी जातियों को बाहर करने के खिलाफ आवाज उठाई। यह प्रदर्शन संविधान में उल्लेखित उनके अधिकारों के लिए था।

ललितपुर। निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल निषाद पार्टी के बैनर तले शुक्रवार को मछुआ समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए अनुसूचित जाति एवं जनजाति के तहत आरक्षण मांगा। पैदल रैली निकालते हुए वह लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और यहां प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अफसरों को सौंपा। जिसमें बताया गया कि 31 दिसंबर 2016 और 12 जनवरी 2017 में उत्तर प्रदेश लोकसेवा अधिनियम-1994 में संशोदन करके निषाद, केवट, मल्लाह, कश्यप, कहार, धीमर, बिन्द, बाथम, तुरहा, गोड़िया, मांझी, मछुआ जातियों को पिछड़ी जाति की सूची से निकाल दिया गया। फिर भी जनपद एवं तहसीलस्तर से नियमविरुद्ध तरीके से उक्त जातियों के लोगों को पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र बनाया जा रहा है।
जो नियमानुसार गलत और असंवैधानिक तथा राज्यपाल की ओर से जारी अधिसूचना का स्पष्ट उल्लंघन है। इन जातियों को पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र जारी करने पर तत्काल प्रभाव से रोका जाए। वह 10 अगस्त 1950 की अधिसूचना और 1961 के सेंसस मैन्युअल की ओर ध्यान आकृष्ट कराना चाहते हैं। जिसके मुताबिक यह जातियां दिल्ली, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड में अनुसूचित जाति एवं जनजाति में शामिल हैं। इसलिए उनको अनुसूचित जाति मझवार, तुरैहा का जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाए, जो संविधान में पहले ही सूचीबद्ध हैं। प्रदर्शन के दौरान सुरेंद्र निषाद, राजेश निषाद के साथ खासी संख्या में लोग मौजूद रहे।


