पीजीआई कर्मचारी महासंघ ने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 63 वर्ष करने की मांग, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
लखनऊ के एसजीपीजीआई कर्मचारी महासंघ ने सभी गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 से बढ़ाकर 63 वर्ष करने की मांग की है। महासंघ ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। उनका तर्क है कि डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है, इसलिए समानता के लिए गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को भी सेवा विस्तार मिलना चाहिए।
लखनऊ, कार्यालय संवाददाता। एसजीपीजीआई कर्मचारी महासंघ ने संस्थान के सभी गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 से बढ़ाकर 63 वर्ष किए जाने की मांग उठाई है। महासंघ ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन भेजा है। तीन वर्ष का सेवा विस्तार देकर अनुभवी कर्मचारियों को बनाए रखने की अपील। सरकार पुनर्नियुक्ति की व्यवस्था समाप्त कर सभी कर्मचारियों को समान अवसर दे। एसजीपीजीआई कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष धर्मेश कुमार और महामंत्री सीमा शुक्ला का कहना है कि संस्थान में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के बीच सेवानिवृत्ति आयु को लेकर असमानता बनी हुई है। डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है।
जबकि गैर-शैक्षणिक कर्मचारी की 60 वर्ष है। धर्मेश कुमार के मुताबिक संस्थान कई विभागों में कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए कई कर्मचारियों को तीन वर्ष तक पुनर्नियुक्ति दे रहा है। जबकि नियमित कर्मचारियों को ही सीधे 63 वर्ष तक सेवा का अवसर देना अधिक व्यावहारिक और पारदर्शी व्यवस्था होगी। कर्मचारियों को भी समान अवसर मिलना चाहिए। महासंघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि संस्थान हित और मरीज हित को ध्यान में रखते हुए सभी कर्मचारियों को तीन वर्ष का सेवा विस्तार देते हुए सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाकर 63 वर्ष की जाए।


