सीयूईटी-समर्थ पोर्टल से उच्च शिक्षा का सत्र हुआ अनियमित
निजी कॉलेज एसोसिएशन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा पत्र छात्रहित में प्रवेश व्यवस्था खत्म करने की मांग देहरादून, वरिष्ठ संवाददाता।

देहरादून, वरिष्ठ संवाददाता। निजी कॉलेज एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए सीयूईटी और समर्थ पोर्टल की व्यवस्था तत्काल समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं के कारण प्रवेश प्रक्रिया जटिल होने के साथ ही उच्च शिक्षा का सत्र भी अनियमित हो गया है।डॉ. अग्रवाल के अनुसार सितंबर आधा बीतने को है, लेकिन कई कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। सीयूईटी का परिणाम जुलाई में आने के बाद अगस्त में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन अशासकीय कॉलेजों में भी 50 फीसदी तक सीटें खाली हैं।
इसके चलते नॉन-सीयूईटी छात्रों के लिए मेरिट के आधार पर प्रवेश की विज्ञप्ति जारी करनी पड़ी है और अब 15 सितंबर तक प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि डीएवी कॉलेज, जहां पहले 30 हजार से अधिक प्रवेश होते थे, वहां 12,400 सीटें भरना भी मुश्किल हो रहा है। श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल पर आवेदन की अंतिम तिथि भी 30 मई से कई बार बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी गई। बार-बार तिथियां बढ़ाने से छात्रों में असमंजस रहा और उन्हें अन्यत्र प्रवेश लेने को मजबूर होना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था कुछ एजेंसियों को लाभ पहुंचाने वाली है। छात्रहित में इसे समाप्त किया जाना चाहिए।


