आजाद अधिकार सेना ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

हिन्दुस्तान, संभल
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आजाद अधिकार सेना ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज में पारदर्शिता की मांग की। प्रदेश महासचिव खिजर गौस ने ट्रस्ट के सभी वित्तीय लेन-देन और निर्णयों का स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की। मंदिर पर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था है, इसलिए ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता जरूरी है।

आजाद अधिकार सेना ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय एवं प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर आजाद अधिकार सेना ने सोमवार को जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा।

मांगों का विवरण

पार्टी के प्रदेश महासचिव खिजर गौस ने ट्रस्ट के गठन से अब तक के सभी वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक निर्णयों का स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट कराए जाने की मांग उठाई। ज्ञापन में कहा कि श्रीराम मंदिर देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

पारदर्शिता की आवश्यकता

मंदिर निर्माण और विकास के लिए बड़ी मात्रा में धनराशि एवं अन्य मूल्यवान सामग्री दान के रूप में प्राप्त हुई है। ऐसे में ट्रस्ट के कार्यों में उच्च स्तर की पारदर्शिता, जवाबदेही और सार्वजनिक विश्वास बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

स्वतंत्र फोरेंसिक जांच की मांग

पार्टी ने हालिया घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन, दान राशि के उपयोग, प्रमुख खरीद, ठेकों, भूमि लेन-देन और अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों की स्वतंत्र फोरेंसिक जांच कराने तथा उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।

श्रद्धालुओं का विश्वास

पार्टी ने मांग की कि श्रद्धालुओं के विश्वास को मजबूत करने के लिए ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी बनाई जाए। इस दौरान जरीफ मिर्जा, फैजान, असलम तुर्की, डॉ. शाहनवाज चौहान, मोहम्मद आसिफ, गुलाम ख्बानी, नौशाद शेख, दीपक कुमार, मनोज कुमार, देवानंद, रोहित, पराग गर्ग, सुमित आदि मौजूद रहे।

प्रश्न और उत्तर

आजाद अधिकार सेना ने किसके नाम ज्ञापन भेजा?
आजाद अधिकार सेना ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा।

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