जनगणना में ओबीसी का अलग विकल्प देने की मांग को लेकर क्रमिक अनशन शुरु
- राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार अनीश सिंह को सौंपाओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि भारत सरकार ने 14 अगस्त 2026 को जनगणना में पूछे जाने वाल

घोसी, हिन्दुस्तान संवाद। जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की अलग से गणना के लिए स्पष्ट विकल्प दिए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने तहसील प्रांगण में बुधवार से क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में क्रमिक अनशन करते हुए महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार अनीश सिंह को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की गई। मोर्चा की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि भारत सरकार ने 14 अगस्त 2026 को जनगणना में पूछे जाने वाले 40 सवालों की अधिसूचना जारी की है।
इसमें ओबीसी की गणना के लिए अलग विकल्प नहीं दिए जाने पर संगठन ने आपत्ति जताई है। मोर्चा का कहना है कि जातिवार जनसंख्या के सही और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त करने के लिए ओबीसी की गणना की स्पष्ट एवं व्यवस्थित व्यवस्था आवश्यक है। ज्ञापन में कहा गया कि केवल ओपन कॉलम के माध्यम से जाति दर्ज किए जाने से आंकड़ों में विसंगति उत्पन्न होने की आशंका है। इसलिए एससी-एसटी की तरह ओबीसी के लिए भी अलग विकल्प उपलब्ध कराकर उसी पद्धति से गणना कराई जाए। इसके साथ ही राज्यवार आधिकारिक एवं व्यापक मास्टर जाति निर्देशिका तैयार करने, प्रत्येक जाति को विशिष्ट कोड देने तथा अनियंत्रित ओपन कॉलम व्यवस्था के स्थान पर मानकीकृत विकल्प आधारित प्रणाली लागू करने की मांग की गई। मोर्चा ने असूचीबद्ध एवं स्थानीय जातियों के सत्यापन के लिए स्पष्ट संस्थागत व्यवस्था बनाने तथा जाति संबंधी आंकड़ों के संग्रह, सत्यापन और संकलन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और ऑडिट योग्य बनाने की मांग भी उठाई। इस दौरान विश्व पूजन मंडल, विक्रम बांसफोर, जेपी शरण, सुग्रीव चौहान, रामकृपाल भारती, रामजीत चौहान, राजकुमार चौहान, विशाल यादव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


