जातीय जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम हो: कांग्रेस

हिन्दुस्तान, धनबाद
Follow us on Google News
share

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग द्वारा अन्य पिछड़े वर्ग के लिए अलग कॉलम की मांग को लेकर 16 को रांची में राजभवन मार्च और ओबीसी हुंकार कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने जातीय जनगणना के महत्व पर चर्चा की और ओबीसी समाज की वास्तविक स्थिति ज्ञात करने के लिए प्रमाणिक आंकड़ों की आवश्यकता पर जोर दिया।

जातीय जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम हो: कांग्रेस

धनबाद, प्रमुख संवाददाता। केंद्र सरकार की जातीय जनगणना के प्रपत्र में अन्य पिछड़े वर्ग के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग की ओर से रांची में 16 को राजभवन मार्च व ओबीसी हुंकार कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

बैठक का आयोजन

जिला कांग्रेस कार्यालय हाउसिंग कॉलोनी में सोमवार को जिला कमेटी ओबीसी विभाग की बैठक हुई। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष आसिफ राजा ने की। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के को-ऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्य मदन महतो ने कहा कि जातीय जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह समाज के विभिन्न वर्गों की वास्तविक सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति को समझने का अहम माध्यम है।

महत्वपूर्ण आंकड़ों की आवश्यकता

ओबीसी समाज की वास्तविक जनसंख्या और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित प्रमाणिक आंकड़े सामने आना जरूरी है। उपाध्यक्ष दिनेश यादव और गणपत महतो ने कहा कि ओबीसी समाज की सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक व राजनीतिक स्थिति का सही आकलन किए बिना समावेशी विकास की प्रभावी नीति तैयार करना कठिन है।

कांग्रेस के सदस्यों की उपस्थिति

अध्यक्ष जहीर अंसारी ने कहा कि जातीय जनगणना में ओबीसी का अलग कॉलम होने से प्रमाणिक आंकड़ा सामने आएगा। मौके पर मदन महतो, राशिद राजा अंसारी, मनोज यादव, जहीर अंसारी, शंकर प्रजापति, गणपत महतो, दिनेश यादव, इरफान खान, गोपाल कृष्ण चौधरी, प्रीतम रवानी, अरविंद कुमार सैनी, रमेश राय, लाली महतो, सच्चिदानंद यादव सहित कांग्रेसजन उपस्थित थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

✦झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग कब मार्च का आयोजन कर रहा है?−
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग 16 को रांची में राजभवन मार्च का आयोजन कर रहा है।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव , CJP Protest Live और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsजातीय जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम हो: कांग्रेस