बाथम-कश्यप को अनुसूचित जाति का लाभ देने की उठाई मांग
छिबरामऊ में निषाद पार्टी ने विधायक को ज्ञापन सौंपा, जिसमें मझवार, तुरैहा और उनसे संबंधित जातियों को अनुसूचित जाति का लाभ देने की मांग की गई। ज्ञापन में ओबीसी प्रमाणपत्र जारी करने के नियमों का उल्लंघन और आरक्षण में वृद्धि की भी बात कही गई। आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।

छिबरामऊ। निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय विधायक को संबोधित ज्ञापन सौंपकर मझवार, तुरैहा एवं उनसे संबंधित पर्यायवाची जातियों को उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति का लाभ दिए जाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश शासन के वर्ष 2016 और 2017 के आदेशों के बाद कई जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल कर दिया गया, जबकि राष्ट्रपति की अधिसूचना, संसद मैनुअल और विभिन्न राज्यों में इन जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि तहसील स्तर पर नियमों के विपरीत इन जातियों के ओबीसी प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं, जिससे समाज के लोगों को आरक्षण एवं सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
संगठन ने मांग की कि मझवार, तुरैहा, केवट, मल्लाह, कश्यप, प्रजापति, राजभर, धीमर, बिंद, गोडिय़ा सहित अन्य पर्यायवाची जातियों को संविधान एवं राष्ट्रपति की अधिसूचना के अनुरूप अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी किया जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि अनुसूचित जाति के 21 प्रतिशत आरक्षण में 9 प्रतिशत की वृद्धि कर कुल 30 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा इस संबंध में मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभावी पैरवी की जाए। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप कुमार मणिलालपुर, ग्राम पंचायत रतनपुरवा के प्रतिनिधि तथा निषाद समाज के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


