आशा कार्यकर्ताओं ने की वेतन व सामाजिक सुरक्षा की मांग
बाराबंकी में आशा और आशा संगिनी कर्मचारी संगठन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आशा कर्मियों के लिए 17 मांगें रखी, जिसमें वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा की सुविधा शामिल है। आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उन्हें नियमित वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है।
बाराबंकी। आशा व आशा संगिनी कर्मचारी संगठन उत्तर प्रदेश की जिला इकाई ने गुरुवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सीएमओ को सौंपा। संगठन ने आशा कर्मियों को वेतन, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने समेत 17 सूत्रीय मांगों को पूरा करने की मांग की। जिलाध्यक्ष शीला चौहान के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि आशा कार्यकर्ता राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, स्वच्छता और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन में उनकी अहम भूमिका है, लेकिन उन्हें अब भी नियमित वेतन और पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही है।
ज्ञापन में आशा कर्मियों को 18 हजार से 36 हजार रुपये तक वेतन दिए जाने, एनएचएम में संविलियन, ईपीएफ और ईएसआई की सुविधा, सेवानिवृत्ति पर पेंशन, दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में पांच लाख रुपये मुआवजा तथा 10 लाख रुपये का रिटायरमेंट लाभ देने की मांग की गई है।


