29 करोड़ से मां कौलेश्वरी धाम में जल्द शुरू होगा रोपवे का निर्माण : सांसद
चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने रांची में पर्यटन सचिव मुकेश कुमार से मां कौलेश्वरी धाम में रोपवे निर्माण की मांग की। इस धाम का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। सांसद ने बताया कि 29 करोड़ रुपये की लागत से दिसंबर में रोपवे का निर्माण शुरू होगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी और स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

टंडवा, निज प्रतिनिधि। चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने रांची में पर्यटन, कला-संस्कृति विभाग के सचिव मुकेश कुमार से मुलाकात कर चतरा के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल मां कौलेश्वरी धाम में रोपवे निर्माण को लेकर विस्तार की मांग की। इस दौरान धाम के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधा और पर्यटन की संभावनाओं को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। मां कौलेश्वरी धाम धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थल है। यह तीन धर्मों की आस्था के संगम के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। रोपवे के निर्माण से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को पहाड़ी तक पहुंचने में काफी सुविधा मिलेगी और धाम के पर्यटन विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
सांसद ने बताया कि लगभग 29 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित रोपवे का निर्माण कार्य दिसंबर के अंत तक शुरू होने का आश्वासन मिला है। उन्होंने बताया कि इसके निर्माण से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा मिलेगी। सांसद कालीचरण सिंह ने कहा कि मां कौलेश्वरी धाम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। धाम का समग्र विकास होने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ेंगे।उन्होंने कहा कि मां कौलेश्वरी धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि चतरा की समृद्ध धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। इसके विकास के लिए हरसंभव प्रयास जारी रहेगा। क्षेत्रवासियों ने रोपवे निर्माण की पहल को धाम के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। लोगों को उम्मीद है कि रोपवे बनने के बाद मां कौलेश्वरी धाम में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी और यह क्षेत्र पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होगा।


