भारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा समझौता की हो समीक्षा

हिन्दुस्तान, बक्सर
Follow us on Google News
share

बिहार के सांसद सुधाकर सिंह ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर फरक्का जल-बंटवारा समझौते की समीक्षा की मांग की है। उन्होंने बताया कि बिहार के लिए गंगा नदी व्यापार की जीवन-रेखा है और समझौते के कारण जल की उपलब्धता में कमी आ रही है। यह स्थिति क्षेत्र की आर्थिक स्थिति पर दुष्प्रभाव डाल रही है।

भारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा समझौता की हो समीक्षा

बोले सांसद सांसद सुधाकर सिंह ने पीएम को पत्र लिखकर किया मांग बिहार के जिलों में गंगा में जल उपलब्धता में हो रही कमी बक्सर, हमारे संवाददाता।

समझौते का इतिहास

दिसंबर 2026 में भारत-बांग्लादेश के बीच वर्ष 1996 में हुए फरक्का जल-बंटवारा समझौते के 30 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इसकी समीक्षा होनी है। समझौता के कारण गंगा में जल की उपलब्धता कम रहती है। जिससे दुष्प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय सांसद सुधाकर सिंह ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर इसकी समीक्षा की मांग की है।

बिहार की जल जीवन-रेखा

भेजे पत्र में कहा है कि बिहार एक स्थल-रुद्ध (लैंडलॉक्ड) राज्य है, जिसके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई प्रत्यक्ष मार्ग नहीं है। ऐतिहासिक रूप से गंगा, कोसी एवं सहायक नदियां ही इस क्षेत्र की व्यापारिक जीवन-रेखा रही हैं। आज भी हल्दिया व कोलकाता बंदरगाहों तथा वैश्विक बाजार से जुड़ने का बिहार के पास एकमात्र स्वाभाविक एवं किफायती साधन गंगा नदी ही है।

फरक्का बैराज का महत्व

वर्ष 1975 में फरक्का बैराज का निर्माण हुगली नदी को पर्याप्त जल प्रवाह देने के उद्देश्य से किया गया था। ताकि कोलकाता एवं हल्दिया बंदरगाहों तक जलमार्ग संपर्क बना रहे। इसी मार्ग के जरिए नौ-परिवहन राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (हल्दिया-इलाहाबाद) को नौ-परिवहन मार्ग के रूप में विकसित करने की बात की गई। जिसका विस्तार कोसी नदी के जरिए नेपाल के बीरगंज में जेटी-बंदरगाह बनाना भी प्रस्तावित था। (बक्सर नवीन पाठक)

सामान्य प्रश्न

सांसद सुधाकर सिंह ने पीएम को किस पत्र में क्या मांग की है?
सांसद सुधाकर सिंह ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर फरक्का जल-बंटवारा समझौते की समीक्षा की मांग की है।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsभारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा समझौता की हो समीक्षा