अनुमति नहीं, फिर भी कलेक्ट्रेट पहुंचा मार्च, आश्वासन पर थमा
सुपौल के त्रिवेणीगंज में रौशन पंडित हत्या मामले के संदर्भ में न्याय की मांग के लिए कुम्हार समाज ने जिला मुख्यालय में विरोध मार्च निकाला। करीब 200 प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम एवं एसपी से मिलने का आग्रह किया। अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

सुपौल । कार्यालय संवाददाता त्रिवेणीगंज के चर्चित रौशन पंडित हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को कुम्हार समाज के लोगों ने जिला मुख्यालय में विरोध मार्च निकाला। प्रशासनिक अनुमति नहीं होने के बावजूद करीब 200 की संख्या में प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट तक पहुंच गए। करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद डीएम और एसपी के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त हुआ।
प्रशासन की तैयारी
प्रशासन ने तत्काल लोहिया चौक से कलेक्ट्रेट जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर दी गई। कलेक्ट्रेट गेट समेत प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल और पदाधिकारियों की तैनाती दिखी। त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र से भी पुलिस पदाधिकारी और जवानों को बुलाया था। इधर, कुम्हार समाज के लोग सुबह से ही विरोध मार्च की तैयारी में जुटे थे। दोपहर करीब एक बजे व्यापार संघ भवन के समीप बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे। लोहिया नगर चौक के पास पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन नाकाम रहे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट गेट तक पहुंच गए और सड़क पर बैठकर विरोध जताया। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप से रौशन पंडित की पत्नी, उनके दोनों पुत्रों समेत आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को डीएम और एसपी से मिलने की अनुमति दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग रखी। डीएम और एसपी ने प्रतिनिधिमंडल को मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।
पुलिस की सतर्कता
प्रदर्शन को लेकर पहले से ही अलर्ट मोड में थी पुलिस
कुम्हार समाज के प्रस्तावित विरोध मार्च को लेकर पुलिस पहले से सतर्क थी। जिला मुख्यालय में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और कई स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। त्रिवेणीगंज सहित अन्य क्षेत्रों से भी पुलिस पदाधिकारी और जवानों को बुलाया गया था। हालांकि सदर एसडीपीओ ने इसे नियमित वाहन जांच का हिस्सा बताया था, लेकिन प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस की तैयारी पूरी नजर आई। करीब 200 की संख्या में प्रदर्शनकारी जिला मुख्यालय पहुंचे थे।
बिना आदेश के सड़क को जाम करने का प्रयास किया गया। हालांकि की पुलिस की सर्तकता के कारण जाम नहीं हुआ। जो भी मामले में आरोपी है चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। - मनोहर कुमार साह, सदर एसडीएम, सुपौल


