दो साल में दलित अभियंताओं पर हुई कार्रवाई की जांच के लिए मुख्यमंत्री को पत्र
- पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के अलावा ऊर्जा मंत्री को भी लिखा पत्र

ऊर्जा निगमों में बीते दो साल में दलित अभियंताओं पर हुई कार्रवाई की जांच की मांग पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने की है। संगठन ने इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री एकके शर्मा को पत्र लिखा है।
जांच की मांग
संगठन ने दोनों पत्रों में कहा है कि दलित अभियंताओं के विरुद्ध की गई सभी अनुशासनात्मक व सेवा संबंधी कार्रवाइयों की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करवाया जाना जरूरी हो गया है। यह पत्र पावर ऑफिसर्स ऐसोसिएशन की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में लिए गए फैसले के बाद लिखा गया है। बैठक में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि अनेक अभियंताओं के विरुद्ध की गई कार्रवाई लंबे समय से लंबित है। कई मामलों में अभियंताओं को निलंबित किए जाने के बाद भी विभागीय जांच व प्रकरणों का अंतिम निस्तारण समयबद्ध तरीके से नहीं किया गया। एसोसिएशन ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध नहीं है, लेकिन कार्रवाई में भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। एसोसिएशन किसी भी दोषी अधिकारी या अभियंता को बचाने के पक्ष में नहीं है।
भेदभाव का आरोप
उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी केन और कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा व अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि जाति या वर्ग के आधार पर किसी अभियंता को निशाना बनाना, अनावश्यक रूप से निलंबित रखना और उसके वैधानिक सेवा लाभों को लंबे समय तक रोकने को उचित नहीं ठहराया जा सकता है। कुछ मामलों में दलित अभियंताओं को जानबूझकर निशाना बनाया गया है। एसोसिएशन ने कहा कि ऐसे भी मामले हैं, जब एक साल से ज्यादा होने के बावजूद अभियंताओं को निलंबित रखा गया है।


