डुमरी को जिला बनाने के लिए राज्यपाल व मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा
डुमरी अनुमंडल को जिला बनाने की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के राज्यपाल और मुख्य सचिव को मांग पत्र सौंपा। इसमें कहा गया है कि डुमरी की प्रशासनिक जरूरतों के लिए इसे एक नया जिला बनाना आवश्यक है। अगर मांग पूरी नहीं होती है, तो 1 सितंबर को महाधरना देने की चेतावनी दी गई है।

डुमरी। डुमरी अनुमंडल को जिला बनाने की मांग को लेकर बुधवार को जिप सदस्य बैजनाथ महतो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के राज्यपाल, मुख्य सचिव के नाम अंचल अधिकारी सह प्रभारी बीडीओ को मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र जनप्रतिनिधियों को भी दिया जाएगा। मांग पूरी न होने पर 1 सितंबर को डुमरी अनुमंडल कार्यालय के समक्ष समर्थकों के साथ महाधरना देने की बात कही है। दिए गए पत्र में कहा गया है कि गिरिडीह जिले में गिरिडीह सदर, डुमरी, खोरीमहुआ, बगोदर-सरिया अनुमंडल और 13 प्रखंड शामिल हैं। व्यापक भू-भाग और बड़ी जनसंख्या के कारण प्रशासनिक कार्यों के बेहतर संचालन के लिए जिले को विभाजित कर डुमरी को नया जिला बनाना सबसे उपयुक्त और आवश्यक है।
लिखा है कि डुमरी जिला बनने की तमाम अहर्ताओं से परिपूर्ण है और सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करता है। डुमरी एनएचएआई -19 एनएच-133 और मुख्य रेल मार्ग से सीधे जुड़ा है। साथ ही क्षेत्र में 5 थाने डुमरी, निमियाघाट, पीरटांड़, मधुबन, खुखरा और 3 पुलिस पिकेट लटकटो, खोलोचुआं, हरलाडीह सक्रिय है। वहीं विश्व प्रसिद्ध पारसनाथ तीर्थ स्थल, आईटीआई, सरकारी व मान्यता प्राप्त डिग्री कॉलेज झारखंड कॉलेज व पारसनाथ कॉलेज, प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय, अवर निबंधन कार्यालय, स्टेडियम, रेफरल अस्पताल, बैंक शाखाएं और पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध है।पत्र में कहा गया है कि स्वतंत्रता आंदोलन और अलग झारखंड राज्य आंदोलन में डुमरी का ऐतिहासिक योगदान रहा है। इसके बावजूद आजादी के लगभग 80 वर्ष और झारखंड गठन के करीब 26 वर्ष बीतने के बाद भी यह क्षेत्र उपेक्षित है। डुमरी को जिला बनाए जाने से ही आसपास के पिछड़े प्रखंडों का सर्वांगीण विकास संभव है। कहा कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए यदि सरकार ठोस कदम नहीं उठाती है, तो 1 सितंबर को डुमरी अनुमंडल कार्यालय के समक्ष महाधरना दिया जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में फलजीत महतो, सुमित कुमार, सुनील कुमार महतो, रिझो लाल महतो, शिवकुमार नायक शामिल थे।


