श्रृंग्वेरपुरधाम तीर्थ विकास परिषद गठन की मांग तेज
पर्यटन मंत्री से मिले राष्ट्रीय रामायण मेला के महामंत्री, मुख्यमंत्री को भी भेजा गया प्रस्ताव

पौराणिक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व की नगरी श्रृंग्वेरपुर धाम के समग्र विकास के लिए श्रृंग्वेरपुर धाम तीर्थ विकास परिषद के गठन की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में राष्ट्रीय रामायण मेला आयोजन समिति श्रृंग्वेरपुर के महामंत्री उमेश चंद्र द्विवेदी ने उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। उमेश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के सुनियोजित विकास के लिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद, विंध्य तीर्थ क्षेत्र तथा अयोध्या व वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण तीर्थों के लिए विशेष विकास व्यवस्थाएं लागू की हैं।
उसी तर्ज पर भगवान श्रीराम के परम मित्र निषादराज की पावन नगरी श्रृंग्वेरपुर धाम के लिए भी अलग तीर्थ विकास परिषद का गठन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिषद के गठन से धाम में साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, सड़क एवं आवागमन, जल निकासी, घाटों का विकास, सौंदर्यीकरण तथा श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का योजनाबद्ध तरीके से विस्तार संभव हो सकेगा। साथ ही गऊघाट से श्री सीताकुंड घाट तक स्थित प्रमुख मंदिरों, आश्रमों एवं आध्यात्मिक स्थलों का समुचित विकास और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकेगा। महामंत्री ने बताया कि इस संबंध में रामायण मेला आयोजन समिति की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया है। समिति ने अपेक्षा जताई है कि सरकार शीघ्र ही इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर श्रृंग्वेरपुर धाम के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिससे यह ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो सके।
लेखक के बारे में
Hindustan | Bureauहिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।
और पढ़ें

