दशलक्षण महापर्व पर बूचड़खाने और शराब की दुकानें बंद की जाएं

हिन्दुस्तान, इटावा औरैया
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दशलक्षण महापर्व के अवसर पर उत्तर प्रदेश में बूचड़खानों और शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई है। विश्व जैन संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर 8 से 25 सितंबर तक विशेष प्रतिबंध लागू करने की मांग की है। इन दिनो में जैन श्रद्धालु व्रत और धार्मिक साधना करते हैं।

दशलक्षण महापर्व पर बूचड़खाने और शराब की दुकानें बंद की जाएं

इटावा। दशलक्षण महापर्व के अवसर पर उत्तर प्रदेश में बूचड़खानों, शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग तेज हो गई है। विश्व जैन संगठन के जिलाध्यक्ष आकाशदीप जैन ने मुख्यमंत्री को ई-मेल के माध्यम से पत्र भेजकर 8 से 25 सितंबर तक प्रदेश में विशेष प्रतिबंध लागू करने की मांग की है। पत्र में लिखा गया है कि श्वेतांबर जैन समाज का पर्युषण महापर्व 8 से 15 सितंबर तक मनाया जाएगा, जिसका समापन 15 को संवत्सरी के साथ होगा।

धार्मिक महत्व

इसके बाद दिगंबर जैन समाज का दशलक्षण महापर्व 16 से 25 तक आयोजित होगा तथा 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी का पावन पर्व मनाया जाएगा। इन पवित्र दिनों में प्रदेश के सभी बूचड़खानों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। इसके साथ ही शराब की दुकानों को बंद रखने और शराब की बिक्री वं सेवन पर रोक लगाने के लिए भी प्रभावी निर्णय लिया जाए।

जैन धर्म के सिद्धांत

पर्युषण और दशलक्षण महापर्व जैन धर्म के मूल सिद्धांतों अहिंसा, जीवदया, तप, त्याग, क्षमा, संयम और करुणा को समर्पित हैं। इन दिनों लाखों जैन श्रद्धालु व्रत,धार्मिक साधना करते हुए प्रत्येक जीव के प्रति दया और अहिंसा का संदेश जन-जन तक पहुंचाते हैं।

सरकारी दिशा-निर्देश

मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में मांग की गई है कि राज्य सरकार द्वारा संबंधित विभागों, नगर निगमों, नगर पालिकाओं वं स्थानीय प्रशासन को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि पर्युषण और दशलक्षण महापर्व की अवधि में प्रतिबंधों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जा सके。

सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न

दशलक्षण महापर्व कब मनाया जाएगा?
दशलक्षण महापर्व 16 से 25 सितंबर तक आयोजित होगा।
Hindustan | Bureau

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