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3 अप्रैल, 2020|4:53|IST

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दिल्ली हिंसा: भीम आर्मी और सीएए समर्थकों में भिड़ंत से शुरू हुआ था दर्जनों की जान लेने वाला दिल्ली दंगा

delhi riots

दिल्ली में बीते 4 दिन हुई हिंसा में अब तक 38 लोगों की जान जा चुकी है। मामले पर दिल्ली पुलिस के अनुसार  सीएए का विरोध कर रहे भीम आर्मी के समर्थकों द्वारा रविवार शाम सीएए समर्थकों पर पत्थर चलाए जाने से इस दंगे की चिंगारी उठी।  सीएए के इन समर्थकों को बीजेपी नेता कपिल मिश्रा द्वारा मौजपुर चौक पर बुलाया गया था जहां से ये सारा बवाल शुरू हुआ।

हिन्दुस्तान टाइम्स से नाम न जाहिर करने की शर्त पर बात करते हुए दो पुलिस अधिकारियों  ने बताया कि हमने मामले की जांच कर रही एसआईटी को जानकारी दी है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में ये बवाल शनिवार रात तब शुरू हुआ जब सीएए के खिलाफ विरोध कर रहे लोगों ने जाफराबाद मेन रोड को ब्लॉक कर दिया। रविवार को कपिल मिश्रा के वहां पहुंचने से मामला बढ़ गया जब उन्होंने दिल्ली पुलिस को सड़कें खाली कराने का अल्टीमेटम दे डाला और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारतीय दौरा खत्म होने तक हम शांत हैं। उसके बाद या तो आप सड़कें खाली करवा लीजिए या हम करवा लेंगे। पुलिस के अनुसार पहला पत्थर भीम आर्मी के सदस्यों की ओर रविवार शाम 4.42 बजे फेंका गया था।  इसके बाद 100-125 भीम आर्मी सदस्यों समेत सीएए विरोधियों को सीएए समर्थकों ने दौड़ाया। 

पुलिस ने भीम आर्मी के दिल्ली प्रमुख हिमांशू वालमिकी की पहचान की है और दावा है कि उसने रविवार शाम 6 बजे तक और अधिक भीड़ को जुटाया था। इसी सब के चलते मौजपुर और कर्दमपुरी में पत्थरबाजी के कई मामले सामने आ गए। भीम आर्मी ने शनिवार को जाफराबाद में सीएए के खिलाफ भारी भीड़ जुटा ली जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं। 

उधर भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह ने सभी आरोपो को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि सीएए के विरोध में दिल्ली में अलग अलग जगह हमारे प्रदर्शन शांतिपूर्ण व सफल रहे। हमारे लोग किसी तरह की हिंसा में शामिल नहीं हुए थे। बल्कि हमें तो संदेश मिला था कि हमारे दिल्ली अध्यक्ष हिमांशू वाल्मिकी की गाड़ी जला दी गई है। बता दें कि वाल्मिकी ने हिन्दुस्तान टाइम्स को फोन नहीं उठाया। कपिल मिश्रा ने रविवार को दोपहर 1.22 बजे ट्वीट कर सीएए समर्थकों से मौजपुर जाफराबाद में इकट्ठा होने को कहा। 3 बजे वे भी वहां पहुंचे और सीएए के समर्थन में नारे लगाने लगे। जिसके बाद पत्थरबाजी और अन्य घटनाएं शुरू हुईं।

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  • Web Title:Delhi violence Delhi riots that killed 38 Started because of Bhim Army and CAA supporters face off