मिशन एडमिशन : छात्र पाठ्यक्रम-कॉलेज की वरीयता ध्यानपूर्वक भरें : विशेषज्ञ
मिरांडा हाउस कॉलेज ने सोमवार से तीन दिवसीय ओपन हाउस फेस दो की शुरुआत की। इस विशेष सत्र में विशेषज्ञों ने छात्राओं को सलाह दी है कि वह कोर्स-कॉलेज की व

नई दिल्ली। डीयू में कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (सीएसएएस) के दूसरे चरण के तहत कॉलेज व कोर्स की वरीयता (प्रेफरेंस) भरने की प्रक्रिया जारी है। इस संबंध में छात्रों और अभिभावकों के मन में कई तरह के सवाल हैं। ऐसे में इन सवालों का समाधान करने के उद्देश्य से मिरांडा हाउस कॉलेज ने सोमवार से तीन दिवसीय ओपन हाउस फेस दो की शुरुआत की। यह सत्र बुधवार तक जारी रहेगा। इस विशेष सत्र में विशेषज्ञों ने छात्राओं को सलाह दी है कि वह कोर्स-कॉलेज की वरीयता को ध्यानपूर्वक भरें। साथ ही, इसे भरने से पहले अलग से सूची बनाएं। यह सूची सोच-समझकर तैयार करें। वहीं, उपलब्ध अवसरों का बेहतर चयन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय वरीयता क्रम और पात्रता के आधार पर ही छात्रों को सीट आवंटित करता है। इस अवसर पर आयोजित विशेषज्ञ पैनल में मिरांडा हाउस की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) बिजयालक्ष्मी नंदा, डॉ. नंदिनी दत्ता, प्रो. हेना सिंह, डॉ. श्रुति शर्मा और डॉ. चंदन शामिल रहे। इस दौरान खुले प्रश्नोत्तर सत्र में दाखिले से जुड़ी छात्राओं की व्यक्तिगत शंकाओं का समाधान भी किया गया। इस सत्र में पहले दिन 150 से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया。
डीयू एडमिशन अपडेट
इसके अलावा डीयू एडमिशन ब्रांच की ओर से बुधवार दोपहर तीन बजे से डीयू यूट्यूब चैनल पर वेबिनार शुरू करेगा। इसमें सीएसएएस व ईसीए से जुड़ी सहित कई तरह की जानकारी दी जाएगी।
सर्टिफिकेट कोर्सेज के सवाल
सत्र के दौरान गुरुग्राम से आई हीना अपनी कोर्स वरीयता सूची को लेकर काफी असमंजस में थीं। विशेषज्ञों ने उनकी रुचि, अंक और करियर विकल्पों के आधार पर उन्हें मार्गदर्शन दिया। मोती नगर से आई दीपका ने गणित विषय में करियर की संभावनाओं को लेकर प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने उन्हें विषय से जुड़े रोजगार, उच्च शिक्षा और शोध के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान कई छात्राओं ने बी.एड और बीएससी पाठ्यक्रमों की पात्रता, प्रवेश प्रक्रिया और भविष्य की संभावनाओं को लेकर भी सवाल पूछे। इस सत्र के दौरान सर्टिफिकेट कोर्सेज को लेकर सबसे अधिक प्रश्न पूछे गए, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया।
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Ashish Singhशॉर्ट बायो : आशीष सिंह पिछले छह वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर कार्यरत हैं। वह राजनीति, शिक्षा, पर्यटन, खाद्य सुरक्षा विभाग व सामाजिक विषयों से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
आशीष सिंह को पत्रकारिता में छह वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने कई ब्रेकिंग व चर्चित खबरें की हैं। जमीनी पत्रकारिता के जरिए उन्होंने पाठकों के बीच मजबूत पकड़ बनाई है। यह सफर लगातार जारी है।
करियर का सफर (प्रिंट)
आशीष ने अपने करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की थी। इसके बाद अमर उजाला व पंजाब केसरी जैसे प्रमुख अखबारों में सेवाएं दीं। उन्हें घूमना, लिखना, पढ़ना व संगीत सुनना खूब पसंद है। खासकर यात्रा वृतांत व पर्यावरण विषय पढ़ने में उन्हें खूब रुचि है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि:
उन्होंने एमए इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन प्रिंट, बीए (ऑनर्स) इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री ली है। नदियों व पहाड़ों से लगाव के चलते उन्हें डीडब्ल्यू हिन्दी द्वारा ईको इंडिया प्रोजेक्ट के लिए ग्रांट प्राप्त है।
विशेषज्ञता
राजनीति, शिक्षा, पर्यटन, सामाजिक मुद्दे और देश-विदेश की घटनाओं को दिल्ली से जुड़े एंगल को वह कवर करते हैं। इन विषयों को वह अपने इर्द-गिर्द रोज़ाना जीते और अनुभव करते हैं। शिक्षा निदेशालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), राजनीति-(दिल्ली भाजपा),
जू अथॉरिटी, खाद्य सुरक्षा विभाग, धर्म-कर्म, पर्यटन विभाग को वह कवर करते हैं।
उन्होंने हिन्दुस्तान में रहते हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान दिल्ली का हाल, लाल किला के पास बम धमाका, गोवा अग्निकांड, नेपाल-युवा आंदोलन, ईरान में युवा आंदोलन, तुर्कमान गेट हमला और कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम को मानवीय दृष्टि से कवर किया था। यह सफर निरंतर रूप से चल रहा है। वह अपनी लेखनी को और मजबूत कर रहे हैं।
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