हादसे के बाद, छात्रों के लिए कॉलेज ही नहीं मंदिर और गुरुद्वारे ने भी खोले दरवाजे

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली। अभिनव उपाध्याय सत्य निकेतन की घटना के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय सभी

हादसे के बाद, छात्रों के लिए कॉलेज ही नहीं मंदिर और गुरुद्वारे ने भी खोले दरवाजे

कई कॉलेजों में अब भी रहने और खाने की व्यवस्था जारी नई दिल्ली। अभिनव उपाध्याय

कॉलेजों की एकजुटता

सत्य निकेतन की घटना के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय सभी कॉलेजों में विशेष रूप से एकजुटता दिखाई और दरियादिली भी दिखाई। आज भी डीयू के कई कॉलेजों ने पीजी छोड़ने वाले छात्रों के लिए अपने कॉलेज के कैंपस में रहने और खाने का इंतजाम किया है। डीयू साउथ कैंपस के निकट हुई घटना के कारण सबसे अधिक साउथ कैंपस के कॉलेजों ने अपने कॉलेजों के गेट खोले और छात्र छात्राओं के भोजन, आवास का सुरक्षित इंतजाम किया। यही नहीं घटना स्थल के पास के मंदिर और समीप के गुरुद्वारे भी छात्रों की मदद के लिए आए। डीयू के जीजस एंड मेरी, मैत्रेयी, मोती लाल नेहरू, राम लाल आनंद कॉलेज, कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज सहित अन्य कई कॉलेजों ने अपने यहां छात्रों के लिए प्रबंधन किए हैं।

खाने और रहने की व्यवस्था

ईआरएसडी कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो.ज्ञानतोष ने बताया कि घटना के तुरंत बाद हम लोगों ने छात्रों को गुरुद्वारा में रुकने और अपने यहां खाने का इंतजाम किया और यह अब भी जारी है। पहले तो परिसर में खाना बना और छात्रों को परोसा गया, बाद में गूगल फार्म शुरू किया गया कि जिस छात्र को खाना है वह फार्म भर दे उसे खाना दिया जाएगा। लेकिन अब प्रतिदिन हमारे यहां 250 से 300 छात्र भोजन कर रहे हैं। मुख्य द्वार पर पैकेट में शाम को भोजन रखा जाता है जो भी छात्र छात्रा आती है उसे खाना दिया जाता है यह केवल मेरे कॉलेज के लिए नहीं बल्कि सभी बच्चों के लिए है। फिलहाल रविवार तक यह इंतजाम है आगे भी जरूरत पड़ी तो कॉलेज छात्रों के साथ खड़ा है। प्रो.झा ने बताया कि हमें नार्थ कैंपस सहित कई अन्य कॉलेजों से भी प्रिंसिपल और डीयू प्रशासन से फोन आया कि यदि किसी भी चीज की आवश्यकता है तो वह साथ हैं।

छात्रों के लिए अन्य उपाय

ज्ञात हो कि इस घटना के बाद नार्थ कैंपस सहित पूरे डीयू के कॉलेजों ने हेल्पलाइन नंबर और गूगल फार्म देना शुरू कर दिया था। अब भी कॉलेज छात्रों की सुविधा के लिए उपलब्ध हैं। सत्य निकेतन में कई कॉलेजों को एनएसएस या कॉलेज सोसाइटी के लोगों ने छात्रों की मदद के लिए हाथ बढ़ाए। खाना, चिप्स,सेनेटरी पैड, दवा आदि छात्रों ने बांटा।

मंदिर और गुरुद्वारों ने मदद की

सत्य निकेतन की घटना के तुरंत बाद जब आस पास के पीजी खाली होने लगे और कुछ छात्र डर से पीजी छोड़ने लगे तो इनके समक्ष आवास और खाने का संकट था। ऐसे में सबसे पहले समीप के शिव मंदिर और मोतीबाग के गुरुद्वारा में छात्रों ने शरण ली। वहां इनके रहने और खाने की व्यवस्था हुई। कुछ छात्र संगठन भी तुरंत छात्रों के लिए आगे आए और उनको इन जगहों पर पहुंचाया। बाद में भी मंदिर और गुरुद्वारा के लोगों ने घटना स्थल के समीप लंगर भी चलाया। वहां चाय बिस्कुट से लेकर भोजन तक की व्यवस्था दिन में की गई। यह अब भी जारी है।

छात्रों की सुरक्षा प्राथमिकता

मेरे कॉलेज में रहने खाने की व्यवस्था जारी है: प्रो.विज्झला रवि

श्रीवेंकटेश्वर कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो.विज्झला रवि ने बताया कि पहले दिन मेरे यहां बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं आए और उनके रहने और खाने का प्रबंध हमने किया। हमारे यहां आज भी रहने और खाने की व्यवस्था है। कल भी कुछ छात्र छात्राएं खाने के लिए आए थे। हम छात्रों की हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। छात्रों सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हमने केवल अपने कॉलेज नहीं बल्कि दूसरे कॉलेजों के छात्र छात्राओं के लिए भी रहने की व्यवस्था की है। जो छात्र छात्राएं आना चाहे आ सकते हैं।

सुरक्षित आवास का आश्वासन

असुरक्षित पीजी छोड़कर आए छात्र भी हमारे बच्चे: प्रो.अरुण अत्री

शहीद भगत सिंह कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो.अरुण अत्री ने बताया कि हमारे यहां मंगलवार की रात में लगभग 50 छात्र विभिन्न कॉलेजों से आए।

ये छात्र चिराग दिल्ली स्थित एक पीजी में बड़ी दरारें आने के बाद पीजी छोड़कर आए थे। उनके लिए तत्काल रहने और खाने की व्यवस्था की गई। यह व्यवस्था अब भी है। हमने किसी छात्र को मना नहीं किया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कॉलेज ने उन्हें अपने यहां रुकने की व्यवस्था की और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। वैकल्पिक आवास की व्यवस्था होने तक छात्रों को सहायता दी जाएगी।

सवाल और जवाब

✦दिल्ली विश्वविद्यालय ने छात्रों के लिए क्या व्यवस्था की है?−
दिल्ली विश्वविद्यालय ने पीजी छोड़ने वाले छात्रों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था की है।
Hindustan | Bureau

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