डीयू में अनुबंध कर्मियों को निकालने की नहीं है कोई योजना: प्रो. योगेश सिंह

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि गैर शिक्षण कर्मचारियों को निकालने का कोई योजना नहीं है। डीयू का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में विश्व के सर्वोच्च 200 विश्वविद्यालयों में शामिल होना है। कर्मचारियों के लिए ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम को मंजूरी दी गई है।

डीयू में अनुबंध कर्मियों को निकालने की नहीं है कोई योजना: प्रो. योगेश सिंह

डीयू को दुनिया के 200 सर्वोच्च विश्वविद्यालयों में शामिल करना है लक्ष्य: कुलपति नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में अनुबंध आधार पर लगे गैर शिक्षण कर्मचारियों को निकालने की कोई भी योजना विचाराधीन नहीं है। कुलपति ने यह बात दिल्ली विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक में इस मामले पर चर्चा के दौरान कही। डीयू ईसी की 1283 वीं बैठक का आयोजन गुरुवार को कुलपति प्रो. योगेश सिंह की अध्यक्षता में हुआ। बैठक में शून्य काल के दौरान ईसी सदस्यों ने अनेक मुद्दों पर गहन चर्चा की।

कर्मचारियों के लिए बीमा योजना

ज्ञात हो कि डीयू में बड़ी संख्या में अनुबंध पर कर्मचारी काम करते हैं। कार्यकारी परिषद की बैठक में दिल्ली विश्वविद्यालय के कर्मचारियों (कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों सहित) के आश्रितों को सोशल सिक्योरिटी फायदे देने के लिए 'लाइफ इंश्योरेंस स्कीम' की 'ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम' को लागू करने की मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इसके तहत मास्टर पॉलिसी के ज़रिए 20 लाख रुपये का कवरेज मिलेगा, जिसके लिए हर सब्सक्राइबर को हर महीने 500 रुपये के साथ जीएसटी का प्रीमियम देना होगा। यह कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक स्कीम है।

विश्वविद्यालय का लक्ष्य

इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि हमारा लक्ष्य अगले 5 वर्षों में दिल्ली विश्वविद्यालय को दुनिया के सर्वोच्च 200 विश्वविद्यालयों में शामिल करना है।

अकादमिक परिषद की स्वीकृति

बैठक के दौरान अकादमिक परिषद में पारित शैक्षणिक मुद्दों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। ईसी बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विश्वविद्यालय, उसके द्वारा संचालित हॉल और हॉस्टल, प्रोविडेंट फंड और राष्ट्रीय पेंशन योजना के वार्षिक खातों पर विचार करना और उन्हें मंज़ूरी दी गई। अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (यूजीसीएफ़-2022) के तहत विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों के सहयोग से 'सेमेस्टर अवे प्रोग्राम' शुरू करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

पे प्रोटेक्शन का लाभ

सही प्रक्रियाओं से लगे पूर्व अस्थायी शिक्षकों को मिल सकेगा पे प्रोटेक्शन का लाभ

वेतन सुरक्षा (पे प्रोटेक्शन) के तहत बनाई गई कमेटी की सिफारिशों को डीयू ईसी ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके तहत उन अलग-अलग कॉलेजों के शिक्षकों के वेतन सुरक्षा के अनुरोध पर विचार किया जाएगा, जिन्हें यूनिवर्सिटी/कॉलेजों में स्थायी तौर पर नियुक्त होने से पहले, सही प्रक्रियाओं और नियमों (जैसे ऑल इंडिया विज्ञापन के जरिए खुली भर्ती और सही तरीके से बनी सिलेक्शन कमेटी) का पालन करते हुए अस्थायी तौर पर नियुक्त किया गया था (चाहे वे उसी कॉलेज/संस्थान में हों या भारत सरकार/एनसीटी दिल्ली से फंड पाने वाले समान संस्थानों में। ऐसे फैकल्टी सदस्य नियमित आधार पर अपनी नियुक्ति की तारीख से एनपीएस के लिए पात्र होंगे। ऐसे हर मामले की जांच संबंधित कॉलेज द्वारा की जाएगी और वेतन सुरक्षा की सिफारिश को लागू करने से पहले विश्वविद्यालय की सहमति ली जाएगी। यह सिफारिशें 1 अप्रैल 2022 से की गई नियुक्तियों पर लागू होंगी।

नए पीजी प्रोग्राम की शुरुआत

एसओएल शुरू करेगा एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम

दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग द्वारा भी अब 5 विषयों में एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। डीयू ईसी द्वारा इसे स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसके लिए यूजीसी से भी मंजूरी ले ली गई है। एसओएल द्वारा अब एम.ए. हिंदी में 200 सीटें, एम.ए. इतिहास में 150 सीटें, एम.ए. राजनीति विज्ञान में 500-seat, एम.ए. संस्कृत में 75 सीटें और एम.कॉम. में 575 सीटें रखी जाएंगी।

ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम को लागू करने पर सहमति

डीयू कर्मचारियों के आश्रितों को सोशल सिक्योरिटी के लिए ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम को लागू करने पर सहमति

सामान्य प्रश्न

क्या डीयू द्वारा अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारियों को निकालने की योजना है?
डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में अनुबंध आधार पर लगे गैर शिक्षण कर्मचारियों को निकालने की कोई भी योजना विचाराधीन नहीं है।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsडीयू में अनुबंध कर्मियों को निकालने की नहीं है कोई योजना: प्रो. योगेश सिंह