एमसीडी टोल नाकों को पूरी तरह कैशलेस करने का सुझाव
नोट :: राहुल मानव जी ने इससे संबंधित स्टोरी कल भेज दी थी-दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली की सीमाओं पर जाम की समस्या को देखते हुए निगम को भेजा सुझाव-सुझाव में कहा गया है कि जब तक कोई अन्य व्यव्यस्था...

नोट :: राहुल मानव जी ने इससे संबंधित स्टोरी कल भेज दी थी -दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली की सीमाओं पर जाम की समस्या को देखते हुए निगम को भेजा सुझाव
-सुझाव में कहा गया है कि जब तक कोई अन्य व्यव्यस्था नहीं होती, कैशलेस कर समस्या का समाधान किया जाए
महत्वपूर्ण सुझाव
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली की सीमाओं पर नगर निगम के टोल नाकों की वजह से लगने वाले भीषण जाम की समस्या को दूर करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। ट्रैफिक पुलिस ने नगर निगम को भेजे अपने प्रस्ताव में कहा है कि जब तक टोल वसूली की कोई नई व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक मौजूदा टोल नाकों को पूरी तरह कैशलेस कर दिया जाए, ताकि गाड़ियों की लंबी कतारों से राहत मिल सके।
वाहनों की आवाजाही का दबाव
ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली की सीमाओं से रोजाना लाखों की संख्या में कॉमर्शियल वाहन गुजरते हैं। टोल नाकों पर मोबाइल एप में नंबर फीड करके टोल लेने के साथ नकद भुगतान की प्रक्रिया में लगने वाला समय जाम की सबसे बड़ी वजह बनता है। खासकर सुबह और शाम के समय जब वाहनों का दबाव अधिक होता है, तब यह समस्या और गंभीर हो जाती है। ऐसे में अगर पूरी टोल व्यवस्था को कैशलेस कर दिया जाए तो वाहनों की आवाजाही तेज होगी और जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
प्रोसेस को ऑनलाइन करना
प्रस्ताव में यह भी बताया गया है कि अब पर्यावरण प्रतिपूर्ति शुल्क (ईपीसीसी ) सभी कॉमर्शियल वाहनों पर लगाया जा रहा है। जिससे कैशलेस व्यवस्था लागू करने में अब कोई तकनीकी अड़चन नहीं है। पुलिस का मानना है कि जब सभी गाड़ियों का डेटा और शुल्क ढांचा पहले से ही डिजिटल तरीके से जुड़ा हुआ है, तो नकद लेनदेन को पूरी तरह बंद करना आसान होगा। इसके अलावा सुझाव में यह भी कहा गया है कि टोल के लिए इस्तेमाल होने वाले मासिक पास बनाने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए, ताकि वाहन चालकों को रिचार्ज कराने के लिए भी नाकों पर रुकना न पड़े और यह काम मोबाइल या इंटरनेट के जरिए ही पूरा हो सके।
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