एमसीडी टोल नाकों को पूरी तरह कैशलेस करने का सुझाव
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नगर निगम को एक महत्वपूर्ण सुझाव भेजा है कि टोल नाकों को पूरी तरह कैशलेस कर दिया जाए। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से वाहनों की आवाजाही तेज होगी और जाम की समस्या में कमी आएगी। कैशलेस प्रणाली के पीछे तकनीकी अड़चन नहीं है, क्योंकि सभी वाहनों का डेटा पहले से ही डिजिटल है।

- दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली की सीमाओं पर जाम की समस्या को देखते हुए निगम को भेजा सुझाव - कहा, जब तक कोई अन्य व्यव्यस्था नहीं होती, कैशलेस कर समस्या का समाधान किया जाए
जाम की समस्या का समाधान
नई दिल्ली। दिल्ली की सीमाओं पर नगर निगम के टोल नाकों की वजह से लगने वाले भीषण जाम की समस्या को दूर करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। ट्रैफिक पुलिस ने नगर निगम को भेजे प्रस्ताव में कहा है कि जब तक टोल वसूली की कोई नई व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक मौजूदा टोल नाकों को पूरी तरह कैशलेस कर दिया जाए, ताकि गाड़ियों की लंबी कतारों से राहत मिल सके।
कैशलेस व्यवस्था का लाभ
ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली की सीमाओं से रोजाना लाखों की संख्या में कमर्शियल वाहन गुजरते हैं। टोल नाकों पर मोबाइल एप में नंबर फीड करके टोल लेने के साथ नकद भुगतान की प्रक्रिया में लगने वाला समय जाम की सबसे बड़ी वजह बनता है। खासकर सुबह और शाम के समय जब वाहनों का दबाव अधिक होता है, तब यह समस्या और गंभीर हो जाती है। ऐसे में अगर पूरी टोल व्यवस्था को कैशलेस कर दिया जाए तो वाहनों की आवाजाही तेज होगी और जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
डिजिटल परिवर्तन की प्रक्रिया
प्रस्ताव में यह भी बताया गया है कि अब पर्यावरण प्रतिपूर्ति शुल्क (ईपीसीसी) सभी कमर्शियल वाहनों पर लगाया जा रहा है। जिससे कैशलेस व्यवस्था लागू करने में अब कोई तकनीकी अड़चन नहीं है। पुलिस का मानना है कि जब सभी गाड़ियों का डेटा और शुल्क ढांचा पहले से ही डिजिटल तरीके से जुड़ा हुआ है, तो नकद लेनदेन को पूरी तरह बंद करना आसान होगा। इसके अलावा सुझाव में यह भी कहा गया है कि टोल के लिए इस्तेमाल होने वाले मासिक पास बनाने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए, ताकि वाहन चालकों को रिचार्ज कराने के लिए भी नाकों पर रुकना न पड़े और यह काम मोबाइल या इंटरनेट के जरिए ही पूरा हो सके।
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Ashish Guptaशॉर्ट बायो : आशीष गुप्ता दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'दैनिक हिन्दुस्तान' में प्रमुख संवाददाता के रूप में कार्य कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
आशीष गुप्ता पत्रकारिता जगत में दो दशकों के समृद्ध अनुभव के साथ कार्य रहे हैं। वर्तमान में वे हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के प्रमुख प्रकाशन 'दैनिक हिन्दुस्तान' की दिल्ली टीम में प्रमुख संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
अपने विस्तृत कैरियर में उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग, राजधानी के बुनियादी ढांचे, यातायात प्रबंधन और शहरी नियोजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन रिपोर्टिंग की है।
करियर का सफर
आशीष गुप्ता ने वर्ष 2006 में फरीदाबाद से एक स्थानीय अखबार के साथ अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की। वर्ष 2008 में उन्होंने दैनिक हिन्दुस्तान से जुड़कर रेलवे, ऊर्जा और खेल बीट पर दो वर्षों तक सक्रिय रिपोर्टिंग की। दिसंबर 2010 में उन्होंने उत्तर प्रदेश की शैक्षिक नगरी अलीगढ़ का रुख किया, जहां उन्होंने 2014 तक दैनिक जागरण के लिए कार्य किया। इस अवधि में उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू), डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के कॉलेज, कृषि, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तथा विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों की व्यापक कवरेज की। सितंबर 2014 से जुलाई 2017 तक उन्होंने अलीगढ़ में ही दैनिक हिन्दुस्तान में सेवाएं दीं। तत्पश्चात दैनिक जागरण के साथ जुड़कर गाजियाबाद और दिल्ली में उन्होंने नगर निकाय, शहरी विकास, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस), मेट्रो रेल, न्यायालय, उपभोक्ता फोरम जैसी महत्वपूर्ण बीटों को कवर किया। इस दौरान उन्होंने पूर्वी दिल्ली टीम का नेतृत्व भी संभाला।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बी.कॉम (कम्प्यूटर एप्लिकेशन) और जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया है। प्रिंट में काम करने के साथ डिजिटल जर्नलिज्म का प्रशिक्षण प्राप्त कर रखा है।
विजन
आशीष गुप्ता का मानना है कि पत्रकारिता समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। गुणवत्तापूर्ण कंटेंट, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित पत्रकारिता उनका विजन है।
विशेषज्ञता
राष्ट्रीय राजमार्ग, शहरी विकास, नगर निकाय, उपभोक्ता फोरम, लीगल उच्च शिक्षा, रेलवे, खेल, बिजली समेत कई विषयो पर गहरी पकड़।


