मेट्रो, आरआरटीएस और रेलवे कॉरिडोर क्षेत्र में बनेंगे फ्लैट
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने डेवलपरों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के तहत, मेट्रो, आरआरटीएस और रेलवे कॉरिडोर के आस-पास भूमि का विकास किया जाएगा। टीओडी नीति का उद्देश्य किफायती आवास और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

टीओडी नीति : दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने डेवलपरों को अपनी भूमि का विकास करने के लिए डेवलपरोंम की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की नई दिल्ली। दिल्ली में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के तहत मेट्रो, आरआरटीएस व रेलवे कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्रों में मौजूद भूमि का विकास किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने बुधवार से इन कॉरिडोर के आसपास स्थित डीडीए भूमि व लैंड पार्सलों को विकसित करने के लिए डेवलपरों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
डीडीए की प्रणाली
डीडीए प्रशासन के अनुसार टीओडी नीति में निजी डेवलपर व रियल एस्टेट कंपनियों की ऑनलाइन बिल्डिंग परमिट सिस्टम (ओबीपीएस) की आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके जरिए किफायती कीमत पर फ्लैटों का निर्माण करेंगे। इसके अतिरिक्त शॉपिंग सेंटर, स्टेडियम समेत कई तरह की सुविधाएं भी इन डेवलपरों की तरफ से निर्माण किया जाएगा।
उपराज्यपाल के बैठकें
इस संबंध में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू लगातार डीडीए के वरिष्ठ अधिकारियों व अन्य विभागों के साथ लगातार बैठकें भी कर रहे हैं। डीडीए ने टीओडी नीति के तहत कुल 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को सम्मिलित किया है। जिसमें लगभग 80 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को पहली बार इसके दायरे में लाया गया है।
किफायती आवास का होगा निर्माण
टीओडी नीति का उद्देश्य डीडीए भूमि पर योजनाबद्ध विकास और पुनर्विकास के माध्यम से किफायती आवास उपलब्ध कराना है। इसके तहत कड़कड़डूमा, पीरागढ़ी, द्वारका और रोहिणी सहित दिल्ली के प्रमुख मेट्रो कॉरिडोर के पास लगभग 14 लैंड पार्सल की पहचान की गई है। इस नीति के संबंध में डीडीए वेबसाइट पर जानकारी उपलब्ध है।


