धूल भरी आंधी से बिगड़ी दिल्ली की हवा
दिल्ली की हवा रविवार को खराब श्रेणी में पहुंच गई, जब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसका दैनिक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 261 दर्ज किया। committee ने पाया कि इसके पीछे दूर-दराज के क्षेत्रों से आई धूल है, जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान से आई है। अब एक-दो दिनों में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है।

नई दिल्ली। दिल्ली की हवा रविवार को खराब श्रेणी में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शाम लगभग चार बजे दिल्ली का दैनिक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 261 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। हालांकि अभी ग्रैप लागू नहीं किया गया। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ग्रैप उपसमिति ने रविवार शाम चार बजे बैठक कर दिल्ली-एनसीआर की मौजूदा हवा और मौसम के पूर्वानुमान की समीक्षा की। भारत मौसम विज्ञान विभाग और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान से मिले आंकड़ों के आधार पर समिति ने स्थिति का आकलन किया।
धूल का असर
समिति ने पाया कि हवा खराब होने की मुख्य वजह दूर-दराज के क्षेत्रों से आई धूल है। अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान के पास बना धूल भरा तूफान उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ा, जिसका असर दिल्ली तक पहुंचा। इससे वातावरण में बड़े आकार के धूल कणों की मात्रा बढ़ गई।
भविष्य की संभावना
अगले कुछ समय तक हवा खराब श्रेणी में रह सकती है, लेकिन धूल का यह असर कम होने पर आने वाले एक-दो दिनों में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है। इसी कारण उपसमिति ने फिलहाल ग्रैप का पहला चरण लागू नहीं करने का फैसला किया। हालांकि, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और आसपास के राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को जमीन पर धूल रोकने के उपाय तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Abhinaw Upadhyayशॉर्ट बायो : अभिनव उपाध्याय पिछले लगभग 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार हैं और वर्तमान में हिंदुस्तान दैनिक में प्रमुख संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा, साहित्य, संगीत, कला, सामाजिक मुद्दों, पर्यावरण और राजनीति से जुड़े विषय उनकी विशेष विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं।
परिचय एवं अनुभव
अभिनव उपाध्याय राजधानी की पत्रकारिता दुनिया का एक विश्वसनीय और सक्रिय नाम हैं, जिन्हें समाचार लेखन, विश्लेषण और जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर गहरी पकड़ के साथ लगभग दो दशक का अनुभव है। बीते करीब आठ वर्षों से वे हिंदुस्तान दैनिक से जुड़े हैं और दिल्ली के शैक्षणिक संस्थानों, छात्र राजनीति तथा सांस्कृतिक गतिविधियों की व्यापक और शोधपरक कवरेज कर रहे हैं।
करियर का सफर
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साहित्यिक पत्रिका ‘कथादेश’ से की, जिसके बाद ‘आज समाज’ और ‘दैनिक जागरण’ जैसे प्रमुख संस्थानों में विभिन्न बीट्स पर कार्य किया। आज समाज में कार्य करते हुए 1984 के सिख दंगों के 25 वर्ष पूरे होने पर विशेष श्रृंखला तथा दैनिक जागरण में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम, दिल्ली और आजादी के 75 वर्ष पर शैक्षणिक संस्थानों के योगदान से जुड़ी शोधपरक श्रृंखलाएं तैयार कीं। वर्तमान भूमिका में उन्होंने कई महत्वपूर्ण साक्षात्कार, ब्रेकिंग स्टोरी और विशेष पैकेज किए हैं, साथ ही गोवा अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव सहित अनेक प्रमुख आयोजनों की रिपोर्टिंग की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और उपलब्धियां
अभिनव ने पीएचडी, राजनीति विज्ञान में एमए, बीएड और बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (डिप्लोमा) की उपाधियां प्राप्त की हैं। उन्हें संस्कृति मंत्रालय द्वारा मौलाना मोहम्मद अली जौहर पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके अतिरिक्त रॉयटर का डिजिटल जर्नलिज्म कोर्स तथा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की जूनियर रिसर्च फेलोशिप भी उन्हें प्राप्त है। उनके कई लेख और शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं, विशेषकर भोजपुरी गीतों में सामाजिक चेतना पर उनका शोध उल्लेखनीय है।
सार्वजनिक भूमिका और रुचियां
पत्रकारिता के साथ-साथ वे विभिन्न शैक्षणिक और सार्वजनिक मंचों पर वक्ता, शोधपत्र प्रस्तुतकर्ता, समिति सदस्य और निर्णायक के रूप में सक्रिय रहते हैं। लेखन, संगीत, कुकिंग और यात्रा उनकी प्रमुख रुचियां हैं, जो उनके रचनात्मक व्यक्तित्व को और समृद्ध बनाती हैं।


