राजधानी में जलभराव से सड़कों पर थमी वाहनों की रतफ्तार, लगा जाम
-दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र में सबसे बदहाल स्थिति देखने को मिली-एयरपोर्ट जाने के रास्तों पर जलभराव से यात्रियों को हुई परेशानीनई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राजधानी में शनिवार सुबह हुई भारी बारिश ने एक बार...

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राजधानी में शनिवार सुबह हुई भारी बारिश ने एक बार फिर दिल्ली के जलनिकासी तंत्र की तैयारियों की पोल खोल दी। पीक आवर्स में बारिश के बाद कई प्रमुख सड़कों, अंडरपास और रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया। इससे यातायात की रफ्तार थम गई और कई स्थानों पर लंबा जाम लग गया। दक्षिणी दिल्ली में हालत ज्यादा खराब देखी गई। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले एयरपोर्ट और नई दिल्ली के हिस्सों में जलभराव और जाम की स्थिति ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि सम्मेलन के दौरान देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों की आवाजाही के लिए प्रमुख मार्गों को सुचारु रखना बड़ी चुनौती होगी。
जलभराव की स्थिति
एनएच-48 पर आईजीआई एयरपोर्ट से धौला कुआं के बीच जलभराव के कारण वाहन रेंगते दिखाई दिए। सड़क पर पानी भरने से वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई और लंबा जाम लग गया। एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पालम एयरपोर्ट टनल में भी बारिश का पानी भर गया, जिससे आवाजाही प्रभावित हुई। पंप लगाकर पानी निकालना पड़ा। इसी तरह महिपाल फ्लाईओवर के नीचे जलभराव के बीच एक डीटीसी बस और कार फंस गईं, जिससे जाम लग गया। इसी क्षेत्र में महिपालपुर चौक से लेकर वसंतकुंज जाने और मेहरौली से आने वाली रोड पर घुटने तक पानी भर गया। घंटों तक पानी भरा रहने से वाहन चालकों के साथ दुकानदारों को समस्या का सामना करना पड़ा।
दक्षिण दिल्ली की स्थिति
दक्षिण दिल्ली के संगम विहार में सड़क तालाब बन गई। यहां के नीम चौक पर घुटने से ऊपर पानी भर गया। आसपास रहने वाले लोगों का ऑफिस जाना चुनौतीपूर्ण रहा। स्कूल से लौटते वक्त बच्चे पानी से होकर गुजरे। आउटर रिंग रोड पर मुनिरका के पास भी जलभराव की सूचना सामने आई। कनॉट प्लेस का आउटर सर्कल भी जलभराव से नहीं बच पाया। लगातार जलभराव की समस्या से जूझ रहे इस क्षेत्र के व्यवसायियों में गुस्सा है।
अधिकृत ढांचा की खराबी
नांगलोई-नजफगढ़ रोड पर पानी की टंकी के पास स्थिति जलनिकासी व्यवस्था की खराबी के कारण और बिगड़ गई। ड्रेनेज सिस्टम का पानी ओवरफ्लो होने से सड़क पर जलभराव हो गया और भारी यातायात दबाव बना रहा। मौके पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए और पानी निकालने के लिए पंप लगे ट्रैक्टर की मदद ली गई। बुराड़ी मेन रोड, द्वारका, गाजीपुर डेयरी रोड, साउथ गणेश नगर समेत कई इलाकों में जलभराव और जाम से स्थिति बेहाल रही। लगातार अलग-अलग इलाकों में जलभराव और जाम ने मानसून से पहले किए गए जलनिकासी इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कंझावला रोड पर सड़क धंसने से गड्ढा
कृष्णा विहार और बुद्धविहार फेज-एक के बीच कंझावला रोड पर सड़क धंसने से गहरा गड्ढा हो गया। क्षेत्र के लोगों ने इसकी सूचना पीडब्ल्यूडी को दी। इसके कारण रो पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। शिकायत मिलने पर पीडब्ल्यूडी ने आनन-फानन चेतावनी बोर्ड लगाया और गड्ढे को मिट्टी से भर दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि गड्ढे के अंदर कुछ पाइप दिखाई दे रहे थे। हालांकि सड़क धंसने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
मथुरा रोड पर पेड़ टूटने से लगा जाम
मथुरा रोड पर अपोलो अस्पताल से आश्रम चौक जाने वाले कैरिजवे पर शनिवार सुबह यातायात बुरी तरह बिगड़ गया। एक पड़ा पेड गिरने की वजह से जाम लग गया। सूचना पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की टीम ने पहुंच कर पेड़ों की टहनियों को हटाने का काम किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद यातायात को सुचारू किया जा सका।
जलभराव से बाधित यातायात
स्थान: महिपालपुर, एयरपोर्ट-गुरुग्राम मार्ग समय : दोपहर 12:30 बजे शनिवार सुबह से हुई झमाझम बारिश से दिल्ली के महिपालपुर इलाके में जबरदस्त जलभराव हो गया। एयरपोर्ट-गुरुग्राम मुख्य मार्ग पर करीब डेढ़ फुट पानी जमा हो जाने के कारण वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसकी वजह से दुकानदारों को भी परेशानी हुई। जब भी कोई बड़ा वाहन मुख्य मार्ग से गुजरता, उसकी वजह से पानी में लहरें बनती थीं और दुकानों तक पानी पहुंच जाता था। इस जलभराव में एक लग्जरी कार फंसकर बंद हो गई। वहीं डीटीसी की लो-फ्लोर बसों के अंदर तक पानी पहुंच गया। स्थानीय दुकानदार नीरज ने बताया कि शुक्रवार को भी यहां जलभराव की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। जल निकासी का इंतजाम न होने के कारण बारिश में हर बार यही हाल होता है। मुख्य मार्ग तालाब का रूप ले लेता है।
बुराड़ी मेन रोड की स्थिति
स्थान: बुराड़ी मेन रोड समय : 4 बजे करीब आठ किमी लम्बे बुराड़ी मेन रोड पर शनिवार को बारिश के कारण लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा। करीब चार साल से टूटी सड़कों पर जलभराव के कारण वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे थे। छह किमी की दूरी का करीब आधे घंटे का सफर लोगों ने दो घंटे में पूरा किया। इसकी वजह से आफिस जाने वालों को काफी समस्या का सामना करना पड़ा। खासतौर पर नत्थूपुरा से बुराड़ी अस्पताल एवं बुराड़ी गांव के बीच हालत बेहद दयनीय हो गई थी। बुराड़ी गांव के पास मेन रोड पर मिनी ट्रक धंस गया। वहीं आसपास की सड़कों पर भी पानी भरा हुआ था जिसकी वजह से छोटे वाहनों को इन रास्तों से निकलने में दिक्कत हो रही थी। जाम का हाल बुराड़ी गोल चक्कर तक बना रहा और इसमें शाम चार बजे तक कोई सुधार नहीं दिखाई दिया। स्थानीय निवासी और वॉयस आफ बुराडी के प्रमुख जितेंद्र फुलारा ने बताया कि पानी भरे होने की वजह से ई रिक्शा, आटो और कारों को गड्ढों का अनुमान नहीं लग पा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार आंदोलन करने के बाद भी इन सड़कों को बनाने की पहल नहीं की जा रही है।
कोट हालात खराब हो गई
बुराड़ी के नाम पर कोई कैब एवं आटो वाला आने को तैयार नहीं होता। यहां आने के लिए अनाप शनाप किराया मांग रहे हैं। फिर ग्रामीण सेवा में बैठकर घर आई हूं। लेकिन बुराड़ी मेट्रो स्टेशन से घर आने में पूरे दो घंटे लगे हैं। पता नहीं कब स्थिति सुधरेगी?
पूजा, स्थानीय निवासी
सरोजिनी नगर की स्थिति
स्थान: सरोजिनी नगर समय : दो बजे तेज बारिश के बीच लोग सरोजिनी नगर बाजार में आते-जाते दिखे। लेकिन, स्कूली बच्चों व खरीदारों को सड़कों पर हुए जलभराव का अधिक सामना करना पड़ा। राजमाता विजयाराजे सिंधिया मार्ग पर जगह-जगह बारिश के चलते गड्ढ़े हो गए हैं। वहीं, क्रॉस रोड नंबर तीन पर वाहन चालकों को अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि मेट्रो स्टेशन से लेकर रिंग रोड बस स्टैंड की ओर जाने वाले यह एकमात्र रास्ता है। ऐसे में गड्ढ़े व जल भराव ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं, स्कूली बच्चे भी जलभराव के बीच से गुजरने को मजबूर दिखे।
फरीदाबाद से खरीदारी करनी आईं नीलम ने बताया कि इस सड़क पर जगह-जगह जलभराव हो गया है। यहां तक कि सड़क से लेकर फुटपाथ तक भी पानी से लबालब भरे हुए हैं। जलभराव होने से सड़क के गड्ढ़ों दिख नहीं रहे हैं। इससे वाहन इन गड्ढ़ों में फंस रहे हैं।
स्थान - मान सरोवर पार्क फ्लाईओवर समय - सुबह 11 बजे मानसरोवर पार्क फ्लाईओवर के नीचे जलभराव, मेट्रो यात्रियों की बढ़ी परेशानी शनिवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद मानसरोवर पार्क फ्लाईओवर के नीचे जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सुबह करीब 11 बजे तक मानसरोवर पार्क मेट्रो स्टेशन के मुख्य गेट के बाहर सड़क पर पानी जमा रहा। मेट्रो से बाहर निकलने वाले यात्रियों और स्टेशन की ओर जाने वाले लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा।
जलभराव का असर यातायात पर भी साफ दिखाई दिया। फ्लाईओवर के नीचे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई जगह वाहन रेंगते नजर आए। इस रास्ते से जीटीबी अस्पताल, ईहबास और स्वामी दयानंद अस्पताल की ओर जाने वाले लोगों को खास तौर पर परेशानी हुई। आसपास की सड़कों पर भी पानी जमा होने के कारण छोटे और दोपहिया वाहन चालकों को काफी संभलकर वाहन निकालने पड़े। स्थानीय लोगों ने जलनिकासी व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
हेडगेवार अस्पताल में परेशानियों का सामना
बारिश में हेडगेवार अस्पताल का पर्ची काउंटर बना परेशानी का सबब समय - दोपहर 1 बजे स्थान- हेडगेवार अस्पताल राजधानी में बारिश के बीच कई इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हेडगेवार अस्पताल में बारिश के दौरान मरीजों और उनके परिजनों को पर्ची बनवाने के दौरान दिक्कत होती है। तेज बारिश होने पर पर्ची काउंटर के बाहर पानी जमा हो जाता है। यहां टीन-शेड लगे होने के बावजूद पानी टपकता रहता है और धीरे-धीरे फर्श पर जमा होने लगता है।
पर्ची काउंटर के प्रवेश द्वार पर बने रैंप पर भी बारिश के दौरान फिसलन हो जाती है। इससे मरीजों के गिरने का खतरा बना रहता है। शाहदरा निवासी सुरेश ने बताया कि वह पर्ची बनवाने के लिए काउंटर की ओर जा रहे थे। इस दौरान फिसलन के कारण वह गिरते-गिरते बचे। मरीजों को अस्पताल के मुख्य गेट पर भी जलभराव के कारण आने-जाने में परेशानी होती है। बारिश के दौरान अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को पर्ची बनवाने से लेकर अंदर जाने तक कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।


