DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दिल्लीवालों को जल्द मिलेगी फ्री WiFi की सुविधा, केजरीवाल सरकार ने लिया ये फैसला

Free WiFi

आम आदमी पार्टी ने वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और मुफ्त वाईफाई की सुविधा देने के दो अहम चुनावी वादे किए थे। ये वादे पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार ने दो चरणों में 70 हजार वाईफाई राउटर भी लगाए जाएंगे। इसके साथ ही दो चरणों में 2.8 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला लिया है। पहले चरण में 1.4 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।  मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सलाहकार और इन दोनों प्रोजेक्ट के प्रभारी गोपाल मोहन ने बताया कि हम सीसीटीवी और वाईफाई के साझा मॉडल पर काम कर रहे हैं। कैमरा उच्च गुणवत्ता की वीडियो फुटेज उपलब्ध कराएगा और वाईफाई राउटर अपने चारों तरफ 50 मीटर के दायरे में हॉटस्पॉट का काम करेगा।

राजधानी में चप्पे-चप्पे पर निगरानी के लिए रिहायशी कॉलोनियों और बाजारों में जून से सीसीटीवी लगाने का काम शुरू हो चुका है। इसके साथ पीडब्ल्यूडी 35 हजार वाईफाई राउटर भी लगाएगी। मुफ्त इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने की ‘आप’ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत ही पूरी दिल्ली में सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं, जिसमें अभी तक विलंब हो रहा था।

दिल्ली के हर कोने पर होगी कैमरे की नजर, प्रोजेक्ट पर खर्च 572 करोड़

दिल्ली में इस तरह की योजना पर पहली बार काम किया जा रहा है। विदेशे के कई शहरों में इस तरह से कैमरे और वाईफाई राउटर लगाए गए हैं, मगर दिल्ली में विदेशों के मुकाबले ये परियोजना सस्ती होगी। सीसीटीवी सिम कार्ड लगाकर उपयोग किए जाएंगे। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक चार कैमरों के लिए यूटीलिटी बॉक्स होगा, जिसमें एनवीआर (नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर) के साथ वाईफाई राउटर, कम से कम एक घंटे के पावर बैकअप के लिए यूपीएस और कनेक्टिविटी के लिए सिम कार्ड होगा। विभाग का कहना है कि वाईवाई की सुविधा को पूरी तरह से चालू करने के लिए कुछ महीने का समय लगेगा। अभी वाईफाई राउटर से इंटरनेट की सुविधा उन्हें ही मिलेगी, जिनके पास लाइव फीड देखने की अनुमति होगी। बाद में इन राउटर से सभी को इंटरनेट की सुविधा मिलेगी।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि वाईफाई को लेकर एक नया कैबिनेट नोट तैयार करके पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन को भेजा गया है। सीसीटीवी कैमरों से लाइव फुटेज केवल आरडब्ल्यूए सदस्य, पीडब्ल्यूडी अधिकारी, दिल्ली पुलिस और उस कंपनी के प्रतिनिधि देख पाएंगे, जिनको इन्हें लगाने और मेंटीनेंस का जिम्मा सौंप गया है। 

पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में कंट्रोल रूम
आईटीओ स्थित पीडब्ल्यूडी के मुख्यालय में इन कैमरों का कंट्रोल रू म बनाया जाएगा, जहां पर विभाग के विशेषज्ञों की टीम इन कैमरों से मिलेगी वाली लाइव फुटेज को देखती रहेगी। कंट्रोल रूम में  विशाल एलईडी स्क्रीन पर कुछ चुनिंदा जगहों की लाइव फुटेज दिखेगी। इस पर पूरी दिल्ली का वर्जुअल मैप दिखाई देगा, जिस पर हर कैमरा टैग के रूप में दिखेगा। जो सीसीटीवी काम कर रहे हैं, वे स्क्रीन पर ग्रीन टैग के रूप में दिखेंगे। जो काम नहीं कर रहे हैं, वे लाल टैग के रूप में नजर आएंगे। इससे कैमरों की मरम्मत में आसानी होगाी। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों के चारों तरफ जाल लगाए जाएंगे। अभी तक पटपड़गंज, बादली, मादीपुर, तिमारपुर, बाबरपुर, रोहताश नगर, शकूर बस्ती और सीमापुरी में एक हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। 31 जुलाई तक सरकार ने 20 हजार कैमरे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। दिल्ली में 70 विधानसभा क्षेत्र हैं और प्रत्येक में पहले चरण में दो हजार कैमरे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, बाकी के दो हजार कैमरे दूसरे चरण में लगाए जाएंगे। 

परियोजना का पहला चरण
2.8 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे दिल्ली में 
1.4 लाख कैमरे लगाए जाएंगे परियोजना के पहले चरण में  

02 चरणों में इस प्रोजेक्ट को बांटा गया है 

इतनी रकम खर्च होगी  
320.96 करोड़ कैमरे लगाने पर खर्च
250.44 करोड़ देखरेख पर खर्च होंगे 
कुल 571.40 करोड़ इस प्रोजेक्ट पर खर्च किए जाएंगे

अभी तक इतने कैमरे लगे
5000 कैमरे दिल्ली पुलिस ने उन इलाकों में लगाए हैं, जहां पर अपराध अधिक होते हैं 
1200 कैमरे एनडीएमसी की तरफ से नई दिल्ली इलाके में लगाए गए हैं 
1000 करोड़ पुलिस के प्रस्तावित इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत लगाए जाने वाले कैमरों पर होंगे 
02 करोड़ रुपये नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में कैमरे लगाने पर खर्च हुए, इस सीट से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विधायक हैं

अंधेरे में भी लाइव व्यू दिखेगा
इंफरारेड कैमरे : ये कैमरे चार मेगापिक्सल और हाई रेजियूलेशन के साथ होंगे। इनमें नाइट विजन की भी सुविधा होगी
लाइव व्यू : ये कैमरे अंधेरे में भी लाइव व्यू दिखाएंगे 
वाईफाई और जीएसएम : ये कैमरे  वाईफाई और जीएसएम से लैस होंगे 
हार्ड डिस्क : इनकी हार्ड डिस्क में तीस दिन की सीसीटीवी फुटेज स्टोर होगी

8 जून से काम में आई है तेजी
सीसीटीवी प्रोजेक्ट पर मार्च 2019 में काम शुरू किया जाना था, मगर काम 8 जून को शुरू हो सका। दिसंबर तक पूरा होने की संभावना है। 
8 जून से 18 जून के बीच तिमारपुर, पटपड़ गंज, मादीपुर और बादली विधानसभा क्षेत्रों में कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा अन्य इलाकों में जोर-शोर से सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।

सीसीटीवी और वाई-फाई प्रोजेक्ट के इंचार्ज गोपाल मोहन ने कहा, "सीसीटीवी कैमरों में वीपीएन सिम का उपयोग किया जाएगा, ताकि कोई उनमें सेंधमारी न कर सके। इन सिम से कैमरों को बनाने वाली कंपनी भी इनके डाटा को हैक नहीं कर पाएगी। अगर कोई इन सीसीटीवी  को टैंपर से ढक देगा तो सिम उन पांच लोगों के पास तुरंत मैसेज भेजेगा, जो इनकी लाइव फीड देख सकते हैं। सीसीटीवी फुटेज लगाने से तमाम अपराधों का खुलासा हो रहा है।" 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Delhi people will soon get free WiFi facility arvind Kejriwal government takes this decision