संशोधित :::अब तक 168 खतरनाक व अवैध इमारतों पर चले हथौड़े
-98 इमारतों को सील किया गया, वहीं 168 संपत्तियों के लिए नोटिस जारी हुएनई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी ढहने की घटना के बाद से दिल्ली नगर निगम हरकत में है। पिछले एक सप्ताह...

-98 इमारतों को सील किया गया, वहीं 168 संपत्तियों के लिए नोटिस जारी हुए नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी ढहने की घटना के बाद से दिल्ली नगर निगम हरकत में है। पिछले एक सप्ताह के दौरान निगम ने अपने 12 जोन में 168 खतरनाक व अवैध इमारतों पर हथौड़े चलाने की कार्रवाई की गई। वहीं, 98 इमारतों को सील किया और 168 संपत्तियों के लिए नोटिस जारी किए गए।
दक्षिणी दिल्ली में पीजी ढहना
दक्षिणी दिल्ली में 6 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में पीजी ढह गया था। इसमें दबने से सात लोगों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद जब नगर निगम के अवैध और खतरनाक इमारतों के चिह्नीकरण की कार्य प्रणाली पर सवाल उठने लगे। इस पर निगम ने ऐसी इमारतों के खिलाफ मुहिम शुूरू कर दी। निगम प्रशासन की ओर से अधिकारियों को चेतावनी जारी की गई थी कि अवैध और खतरनाक इमारत खड़ी मिली तो क्षेत्र के अधिकारी नपेंगे। तब से ताबड़तोड़ तरीके से निगम की कार्रवाई चल रही है। प्रत्येक जोन में टीमों को क्षेत्र में उतारा हुआ है। ये टीमें ऐसे भवनों को चिह्नित कर उनको नोटिस देने व ध्वस्त करने का काम कर रहे हैं।
कार्रवाई की विस्तृत जानकारी
इसी क्रम में रविवार को छुट्टी के बावजूद निगम की टीमें क्षेत्र में रहीं। सतबरी, संगम विहार, दिलशाद गार्डन, दिलशाद कॉलोनी, बिजवासन, पुरानी दिल्ली 11 अवैध इमारतों पर हथौड़े बरसाए गए। लक्ष्मी नगर और पुरानी दिल्ली में चार संपत्तियों को सील किया गया। इस कार्रवाई के बाद बीते एक सप्ताह में 168 जर्जर व अवैध इमारतों में तोड़फोड़ की कार्रवाई हो चुकी है। 98 इमारतों को सील करने के साथ 168 संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं। ये कार्रवाई लगातार जारी है।
निगम अधिकारियों की बातें
निगम अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कई ऐसी संपत्तियां भी सामने आईं, जहां बिना अनुमति निर्माण किया गया था। कुछ स्थानों पर अतिरिक्त मंजिलें बनाने, भवन के मूल ढांचे में परिवर्तन करने और स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण की शिकायतें मिलीं। निगम ने ऐसे मामलों में पहले नोटिस जारी करने के साथ गंभीर मामलों में सीधे ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की।
खतरनाक पीजी और सर्वे रिपोर्ट
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सर्वे में चार पीजी मिले खतरनाक, 221 को मरम्मत की जरूरत
हादसे के बाद से पूरी दिल्ली में पीजी का सर्वे चल रहा है। रविवार तक राजधानी में 2251 पीजी का सर्वे किया गया, जिनमें 43 हजार से अधिक लोगों के रहने की क्षमता है। इनमें से केवल चार पीजी की खतरनाक हालत में मिले, जिन्हें तोड़ा जाएगा। ये ज्यादातर तीन दक्षिणी दिल्ली और एक केशवपुरम जोन में है। 221 पीजी की इमारतों में मरम्मत की जरूरत सामने आई है। इनमें से 170 में छिटपुट मरम्मत और 51 में ज्यादा मरम्मत की जरूरत है।
नगर निगम की नीति
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खतरनाक और अवैध इमारतों के मामले में किसी तरह की रियायत नहीं है। टीमें क्षेत्र में काम कर रही हैं, जो इमारत लोगों के लिए खतरा नजर आएगी, उसे हर हाल में तोड़ा जाएगा।
-प्रवेश वाही, महापौर
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