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दिल्ली: फार्म हाउस पर IT का छापा, खंगाली 33 जगह, मिला 215 करोड़ रुपए का कालाधन

आयकर विभाग ने दोनों डेवलपर्स की पहचान का खुलासा नहीं किया है।

आयकर विभाग ने दो रियल एस्टेट ग्रुप के खिलाफ कई छापे मारे कर 215 करोड़ रुपए के कालाधन का खुलासा किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। ये दोनों रियल एस्टेट ग्रुप यमुना किनारे जमीन और फार्म हाउस की बिक्री किया करते थे। आयकर विभाग के अधिकारियों ने दोनों डेवलपरों के कुल 33 परिसरों में तलाशी ली। विभाग मामले की छानबीन में जुटा है। छापेमारी के दौरान 215 करोड़ रुपए के नकद लेन देन का खुलासा हुआ। आयकर विभाग ने दोनों डेवलपर्स की पहचान का खुलासा नहीं किया है। 

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अधिकारियों ने बताया कि दोनों डेवलपर्स कैश में डील करते थे। इस तरह से वे इनकम टैक्स देने से बचते थे। अभी विभाग इन मामलों की जांच कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक डेवलपर्स ने इनकम टैक्स रिटर्न संपत्ति के सर्किल रेट्स के हिसाब से भरा है, लेकिन उन्होंने इन डील की कीमत ज्यादा उठाई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'सर्किल रेट और वास्तिवक रेट में जो फर्क आता था, उसका हिसाब कैश के माध्यम से किया जाता था। ऐसे में इसे संपत्ति विक्रेता की इनकम में नहीं दिखाया जाता था।'

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साथ ही उन्होंने बताया कि इनकम टैक्स के बोझ से बचने के लिए रियल इस्टेट में यह तकनीक काफी समय से इस्तेमाल की जा रही है। आयकर विभाग अभी उन अमीर लोगों पर नजर बनाए हुए है, जो अपना कालाधन छुपाने के लिए यमुना किनारे जमीन और फार्म हाउस में निवेश करते हैं। छापे के दौरान विभाग को कुल 215 करोड़ रुपए के कालेधन का पता चला है। 

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  • Web Title:Delhi: Income tax raids against real estate groups unearth black money worth Rs 215 cr