राष्ट्रीय खिलाड़ी के खिलाफ आरोप वाले पोस्ट हटाने का निर्देश
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बास्केटबॉल खिलाड़ी कुशाल सिंह को इंस्टाग्राम पर उनके खिलाफ मानहानि के मामले में अंतरिम राहत दी है। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने प्रतिवादी को कथित मानहानि वाले सभी भ्रामक पोस्ट हटाने का निर्देश दिया। अगर प्रतिवादी ऐसा करने में असफल रहा, तो याचिकाकर्ता इंस्टाग्राम से संपर्क कर सकता है।

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बास्केटबॉल खिलाड़ी कुशाल सिंह को इंस्टाग्राम पर उनके खिलाफ किए गए कई सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर मानहानि के मामले में अंतरिम राहत दी है। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ ने प्रतिवादी को निर्देश दिया है कि वह अपने इंस्टाग्राम अकाउंट या उनके द्वारा संचालित अथवा नियंत्रित अन्य अकाउंट पर प्रकाशित सभी कथित रूप से मानहानि वाले इंस्टाग्राम पोस्ट, रील, स्टोरी हाइलाइट, कैप्शन, कमेंट व दूसरे संबंधित कंटेंट को तुरंत हटा दें। पीठ ने कहा कि जिन भी पोस्ट में याचिकाकर्ता पर यौन प्रताड़ना, यौन दुराचार या इसी तरह का झूठा आरोप लगाया गया हो, उन्हें हटाया जाए।पीठ
ने यह भी साफ किया कि अगर प्रतिवादी ऐसी सामग्री को हटाने में असफल रहता है, तो याचिकाकर्ता को इंस्टाग्राम/ मेटा (प्रतिवादी संख्या दो) से संपर्क करने की आजादी होगी। उस स्थिति में इंस्टाग्राम/ मेटा को पीठ के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
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