चार भारतीय दूतावासों में वीजा सेवाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया रद्द
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कुवैत, अबू धाबी, सिंगापुर और कैनबरा के भारतीय दूतावासों में कॉन्सुलर/पासपोर्ट/वीजा सेवाएं ठेके पर देने की प्रक्रिया को रद्द कर दिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक महीने में नए प्रस्ताव जारी करने का निर्देश दिया और मौजूदा सेवाओं को निरंतरता देने के लिए अनुमति दी।

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कुवैत, अबू धाबी, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा स्थित भारतीय दूतावासों में कॉन्सुलर/ पासपोर्ट/ वीजा (सीपीवी) सेवाओं को ठेके पर देने की प्रक्रिया को रद्द कर दिया। इस आदेश के साथ ही इन कार्यों के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया रद्द हो गई है। न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल एवं न्यायमूर्ति शैल जैन की पीठ ने केन्द्र सरकार को एक महीने के अंदर चारों दूतावासों में सीपीवी सेवाओं की खरीद के लिए नए प्रस्ताव अनुरोध (आरएफपी) जारी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि इस बीच मौजूदा लोगों के लिए सेवाएं जारी रखने की अनुमति दी जा सकती है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सार्वजनिक सेवाओं के प्रावधान में कोई रुकावट या जनता को असुविधा नहीं हो।
पीठ ने दो असफल बोलीदाताओं की याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया है। पीठ ने कहा कि अधिकारियों ने याचिकाकर्ताओं का मानकों के हिसाब से जो मूल्यांकन किया था, वह मनमानेपन, बिना सोचे-समझे काम करने और पारदर्शिता की कमी से खराब था। यह संविधान के अनुच्छेद-14 के तहत तकनीकी मूल्यांकन पर टिक नहीं सका।


