दिल्ली नगर निगम जोनों के नाम राजस्व जिलों के अनुरूप किए गए
मुख्यमंत्री ने इसे दिल्ली में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक स्पष्ट, सुगम और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम बतायानई दिल्ली प्रमुख संवाददाता दिल्ली में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी,...

मुख्यमंत्री ने इसे दिल्ली में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक स्पष्ट, सुगम और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम बताया नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता
प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार
दिल्ली में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, स्पष्ट और जनसुविधा के अनुरूप बनाने के लिए निगम जोन के नाम राजस्व जिलों के अनुरूप किए गए हैं। केंद्र सरकार ने इसके लिए दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की चौदहवीं अनुसूची में संशोधन किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि दिल्ली में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक स्पष्ट, सुगम और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
जिले और जोन के नामकरण
मुख्यमंत्री ने कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की चौदहवीं अनुसूची में किया गया संशोधन दिल्ली के राजस्व प्रशासन और नगर निगम प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक होगा। हमारी सरकार का निरंतर प्रयास है कि शासन व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए। प्रशासनिक क्षेत्रों के नामकरण में एकरूपता से विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा, योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा और दिल्ली के नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ अधिक सुगमता से मिल सकेगा।
नई अधिसूचना और जोनों की सूची
दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने 25 दिसंबर 2025 की अधिसूचना के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में 39 उप-मंडल/तहसील और 13 जिले बनाए थे। इन क्षेत्रों को दिल्ली नगर निगम के 12 जोनों, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद और दिल्ली छावनी क्षेत्र के अनुरूप रखा गया है। प्रशासनिक दक्षता और जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए अब दिल्ली नगर निगम के मौजूदा जोनों के नामों को नए राजस्व जिला नामकरण के साथ औपचारिक रूप से एकरूप किया गया है। इसके तहत दिल्ली नगर निगम के 12 जोन अब बाहरी उत्तर, उत्तर, उत्तर-पश्चिम, मध्य उत्तर, पुरानी दिल्ली, मध्य, पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण, पूर्व और उत्तर-पूर्व के नाम से सूचीबद्ध हैं।


