भीख मांगने वाले बच्चों का पुनर्वास करेगी दिल्ली सरकार
दिल्ली सरकार भीख मांगने वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए विशेष अभियान शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत बच्चों को बाल गृह में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की और सुझाव मांगे। यह अभियान बच्चों को बेहतर जीवन देने का प्रयास है।

नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता राजधानी में सड़कों एवं लाल बत्ती पर भीख मांगने वाले बच्चों का पुनर्वास करने के लिए दिल्ली सरकार विशेष अभियान चलाने जा रही है। इसके तहत परिजनों की सहमति से बच्चों को बाल गृह में रखा जाएगा ताकि उन्हें एक बेहतर जीवन दिया जा सके। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा करते हुए लोगों को भी इसे बेहतर ढंग से लागू करने के लिए सुझाव मांगा है।
भीख मांगने वाले बच्चों की स्थिति
जानकारी के अनुसार दिल्ली की सड़कों पर सैकड़ों छोटे बच्चे भीख मांगने का काम करते हैं। कई बार वह लालबत्ती पर यातायात बाधित करते हैं और कई बार खुद गाड़ियों से टक्कर लगने के चलते घायल हो जाते हैं। कई जगहों पर देखने में आया है कि स्वयं परिजन भी वहां मौजूद रहते हैं। बच्चों से वह खुद भीख मंगवाने का काम करते हैं। दिल्ली सरकार राजधानी में बच्चों के भीख मांगने को पूरी तरह से खत्म करना चाहती है। इसलिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के 13 जिलों में इसे लेकर विशेष अभियान चलाने की तैयारी की है। प्रत्येक जिले में एसडीएम की देखरेख में ऐसे बच्चों को भिक्षावृत्ति से हटाकर एनजीओ की मदद से पढ़ाई में लगाया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें भविष्य में कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि वह रोजगार से जुड़ सकें।
मुख्यमंत्री की घोषणा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंमत्री रेखा गुप्ता ने वीडियो साझा कर कहा कि दिल्ली में ऐसे बच्चों को बेहतर जीवन देने का प्रयास सरकार द्वारा किया जाएगा। लेकिन उन्हें जबरन नहीं उठाया जाएगा बल्कि उनके परिजनों की सहमति से यह कार्य होगा। उन्होंने कहा कि एनजीओ द्वारा ऐसे बच्चों के परिजनों की काउंसलिंग की जाएगी और उनसे सहमति मिलने के बाद बच्चे को बाल गृह में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा और सड़कों पर भीख मांगते हुए बच्चें भी भविष्य में नहीं दिखेंगे।


