बाल भिक्षावृत्ति रोको अभियान से जुड़ेंगी संस्थाएं
दिल्ली सरकार बाल भिक्षावृत्ति मुक्त दिल्ली अभियान के तहत एनजीओ और संस्थाओं को जोड़ने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री ने डीसीपीसीआर की बैठक में बाल सुरक्षा और शिक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने स्कूलों में कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करने और बच्चों के पोषण आहार की निगरानी के लिए निर्देश दिए।

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली को बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त करने के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान से एनजीओ और दूसरी संस्थाओं को जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बाल भिक्षावृत्ति मुक्त दिल्ली अभियान को जनभागीदारी से मजबूत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को भिक्षावृत्ति से बाहर निकालकर शिक्षा, कौशल और सम्मानजनक जीवन से जोड़ना दिल्ली सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में डीसीपीसीआर अध्यक्ष डॉ. ओ. पी. व्यास, आयोग के सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पॉक्सो के प्रति जागरुकता अभियान को लगातार चलाने की सलाह दी।
उन्होंने स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों के साथ स्कूल बस और वैन के चालकों, अटेंडेंट व सफाई कर्मचारियों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआई) में रह रहे बच्चों के भविष्य को लेकर विस्तृत जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयोग से ऑफ्टर केयर में रहने वाले बच्चों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने को कहा।मुख्यमंत्री ने आयोग को राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करने वाली रसोइयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की व्यवस्था का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।


