रचनात्मक उद्योगों का हब बनेगी दिल्ली, छात्रों के लिए शुरू होंगे एनीमेशन-डिजाइन डिग्री कोर्स
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली सरकार ने एनीमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और डिजिटल

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली सरकार ने एनीमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और डिजिटल कंटेंट निर्माण जैसे तेजी से उभरते रचनात्मक क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (डीएसईयू) और माया एकेडमी ऑफ एडवांस्ड क्रिएटिविटी (मैक) के बीच पांच साल के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके साथ ही 20 हजार स्कूली छात्रों के लिए राष्ट्रीय फिल्म एवं डिज़ाइन हैकाथॉन और उद्योग विशेषज्ञों के नए संगठन के गठन की भी घोषणा की गई है।
नई पहलों की जानकारी
दिल्ली के शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को इन पहलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली को देश की रचनात्मक अर्थव्यवस्था यानी ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ का प्रमुख केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में एनीमेशन, गेमिंग, कॉमिक्स, विजुअल इफेक्ट्स और एक्सटेंडेड रियलिटी जैसे क्षेत्रों में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे और दिल्ली के युवाओं को इन अवसरों के लिए तैयार करना जरूरी है।
समझौते का विवरण
इस समझौते के तहत छात्रों के लिए विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त डिग्री कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों का ढांचा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क (एनसीआरएफ) के अनुरूप होगा। समझौते के अनुसार मैक पाठ्यक्रम तैयार करेगा और उद्योग में प्लेसमेंट की व्यवस्था करेगा, जबकि डीएसईयू शैक्षणिक ढांचा, परीक्षा और डिग्री प्रदान करने की जिम्मेदारी निभाएगा। इससे 12वीं के बाद छात्रों को रचनात्मक क्षेत्रों में औपचारिक डिग्री के साथ रोजगार और उच्च शिक्षा के अवसर मिल सकेंगे।
रचनात्मक उद्योगों का गठन
रचनात्मक उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली क्रिएटर्स एंड एवीजीसी-एक्सआर फेडरेशन का भी गठन किया गया है। इस संगठन में 300 से अधिक एनीमेशन, गेमिंग और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह फेडरेशन राज्य सरकार को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप नीति तैयार करने में सहयोग करेगा।
भविष्य की योजनाएं
सरकार के अनुसार एवीजीसी-एक्सआर (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) क्षेत्र देश के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में शामिल है। वर्तमान में यह उद्योग 16 से 17 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर से आगे बढ़ रहा है और वर्ष 2030 तक देश में करीब 20 लाख कुशल पेशेवरों की आवश्यकता होगी। ऐसे में दिल्ली की ये पहलें युवाओं को भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार करने के साथ-साथ राजधानी को रचनात्मक उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
दिल्ली के प्रयास
मंत्री आशीष सूद ने कहा कि स्कूल स्तर के प्रशिक्षण, विश्वविद्यालय की मान्यता प्राप्त डिग्री और उद्योग समर्थित नीति ढांचे को एक साथ जोड़कर दिल्ली सरकार युवाओं के लिए नए अवसरों का मार्ग खोल रही है। उनका कहना है कि इन प्रयासों से दिल्ली देश के रचनात्मक और डिजिटल उद्योगों की अगली पीढ़ी तैयार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगी।
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