रोजगार देने वाले बनेंगे दिल्ली के युवा, स्टार्ट-अप में 400 करोड़ को होगा निवेश
दिल्ली सरकार ने नवाचार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ‘दिल्ली स्टार्ट-अप एवं इन्क्यूबेशन नीति’ को मंजूरी दी है। इस नीति के तहत 400 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को अपने विचारों को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए सक्षम बनाना है, और इस कड़ी में ‘वार्षिक दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव’ का आयोजन भी होगा।

-रेखा गुप्ता सरकार ने नवाचार और स्वरोजगार को गति देने के लिए ‘दिल्ली स्टार्ट-अप एवं इन्क्यूबेशन नीति’ को दी स्वीकृति
दिल्ली स्टार्ट-अप एवं इन्क्यूबेशन नीति
नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता राजधानी में अनुसंधान और उद्यमिता को नई दिशा देने के लिए सरकार ने दिल्ली स्टार्ट-अप एवं इन्क्यूबेशन नीति को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में 400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार इस नीति का उद्देश्य युवाओं को अपने विचारों को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है। इस कड़ी में ‘वार्षिक दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव’ का भी आयोजन किया जाएगा, जहां नवाचार करने वाले युवा, शैक्षणिक संस्थान, स्टार्ट-अप, निवेशक, उद्योग जगत और नीति निर्माता एक मंच पर आकर नए विचारों का प्रदर्शन करेंगे।
मुख्यमंत्री का उद्बोधन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार दिल्ली सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह नीति केवल स्टार्ट-अप शुरू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली के युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सरकार चाहती है कि छात्रों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों, पूर्व छात्रों और नए उद्यमियों के पास यदि कोई अच्छा विचार है तो उसे आगे बढ़ाने के लिए उन्हें संसाधनों, मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता की कमी महसूस न हो।
नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति के तहत दिल्ली के शैक्षणिक संस्थानों में मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) विकसित किया जाएगा। शुरुआत में यह नीति 11 राज्य विश्वविद्यालयों, 13 सरकारी वित्तपोषित कॉलेजों, पॉलीटेक्निक संस्थानों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और सरकारी स्कूलों में लागू की जाएगी। सरकार पात्र शैक्षणिक संस्थानों में इन्क्यूबेशनセン्टर स्थापित करने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
वित्तीय सहायता के माध्यम
इस नीति के तहत इन्क्यूबेशन सेंटरों से जुड़े स्टार्ट-अप्स को उनके विकास के विभिन्न चरणों में वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। यह सहायता प्रोटोटाइप तैयार करने, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट विकसित करने, उत्पाद तैयार करने, बाजार में उसकी उपयोगिता परखने और उसके व्यवसायीकरण तक के विभिन्न चरणों में उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अच्छे विचार सफल उद्यम का रूप ले सकें। उन्होंने बताया कि स्टेट इन्क्यूबेशन पॉलिसी मॉनिटरिंग कमेटी (एसआईपीएमसी) नीति के क्रियान्वयन की निगरानी करेगी। इस समिति में सरकार, शिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के प्रतिनिधि शामिल होंगे.
वार्षिक दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस नीति की एक विशेष पहल ‘वार्षिक दिल्ली स्टार्टअप युवा मोहत्सव’ होगी, जिसे राजधानी में नवाचार के प्रमुख मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। इस फेस्टिवल में नवाचार करने वाले युवा, शैक्षणिक संस्थान, स्टार्ट-अप्स, निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और नीति निर्माता एक साथ आएंगे। यहां नए विचारों का प्रदर्शन होगा, नई साझेदारियां विकसित होंगी और युवा उद्यमियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिलेगी।


