60 फीसदी से ज्यादा घटे जलभराव के हॉटस्पॉट-प्रवेश

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली में जलभराव के हॉटस्पॉट की संख्या पिछले दो वर्षों में 60 प्रतिशत घट गई है। 2023 में 308 हॉटस्पॉट से घटकर 2026 में केवल 115 रह गई हैं। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि सरकार जलभराव को रोकने के लिए गंभीरता से काम कर रही है और नया ड्रेनेज मास्टर प्लान भी बनाया गया है।

 60 फीसदी से ज्यादा घटे जलभराव के हॉटस्पॉट-प्रवेश

नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता राजधानी में जलभराव के हॉटस्पॉट बीते दो वर्षों में 60 फीसदी तक घटे हैं। यह जानकारी जल एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने दिल्ली में हुए जलभराव को लेकर दी। उन्होंने कहा कि जलभराव को लेकर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। वर्ष 2023 में जहां बारिश के चलते जलभराव के हॉटस्पॉट की संख्या 308 थी तो वहीं यह संख्या घटकर वर्ष 2026 में 115 रह गई है। इनमें पीडब्ल्यूडी के हॉटस्पॉट केवल 60 हैं। यह आंकड़ा ट्रैफिक पुलिस द्वारा प्रत्येक वर्ष दिया जाता है। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली में जब कभी जोरदार बारिश होती है तो कुछ जगहों से जलभराव की शिकायतें आती हैं।

तेेज बारिश के समय पानी को निकलने में कई बार आधे घंटे तक का समय लगता है। ऐसी जगहों को जलभराव का हॉटस्पॉट नहीं माना जाता। जलभराव का हॉट स्पॉट ऐसी जगहों को माना जाता है जहां दो घंटे तक पानी भरा रहे। उन्होंने बताया कि दिल्ली ने भाजपा सरकार आने के बाद से जलभराव रोकने के लिए लगातार हॉटस्पॉट पर काम किया जा रहा है। मौजूदा स्थिति में पीडब्ल्यूडी के 60 जलभराव वाले हॉटस्पॉट हैं जिनमें से 39 पर काम चल रहा है और उन्हें अगले तीन माह में ठीक कर लिया जाएगा। वहीं 21 ऐसे हॉटस्पॉट हैं जिनमें सुधार करने में कुछ समय लगेगा।प्रवेश ने कहा कि कनॉट प्लेस एवं इसके आसपास लोगों की संख्या बढ़ी है, लेकिन ड्रेनेज की क्षमता नहीं बढ़ाई गई है। यही समस्या अन्य जगहों पर भी देखने को मिल रही है। इसलिए दिल्ली सरकार ने नया ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाया है। इसके तहत आने वाले 50 वर्षों की आवश्यकता एवं जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए ड्रेनेज लाइन बिछाई जाएगी ताकि भविष्य में जलभराव कहीं न हो।

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