दादरी बॉर्डर से वलीदपुर तक कांवड़ मार्ग रोशनी से जगमगाया
दिल्ली दून हाईवे कांवड़ मार्ग पर पहली बार रात में पथप्रकाश की व्यवस्था की गई है। इससे कांवड़ियों को अंधेरे में यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। यह व्यवस्था उन हादसों को रोकने में मदद करेगी जो पहले अंधेरे के कारण होते थे। इस कदम से पुलिस और प्रशासन ने कांवड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।

दिल्ली दून हाइवे कांवड़ मार्ग पर रात्रि में पथप्रकाश की व्यवस्था पहली बार हुई है। हाईवे पर कांवड़ यात्रा के दौरान वर्षों से दादरी बॉर्डर से वलीदपुर तक अंधेरा पसरा रहता था और कांवड़ियों को लगभग आठ से 10 किलोमीटर का सफर अंधेरे में पूरा करना पड़ता था। अंधेरे के चलते कांवड़ियों के साथ हादसे का खतरा बना रहता था। जिसके चलते कांवड़ियों को थकान होने के बाद भी प्रकाश व्यवस्था के लिए न चाहते हुए भी कई किलोमीटर तक सफर करना पड़ता था। अंधेरे सफर को पार कर मटौर के आसपास पहुंचकर ही विश्राम करना पड़ता था। इस बार इंस्पेक्टर दौराला सुमन कुमार सिंह ने अंधेरे मार्ग को लेकर अधिकारियों के आदेश पर एनएचएआई को पत्र लिखकर कांवड़ यात्रा में हाईवे मार्ग पर रहने वाले अंधेरे को दूर करने के लिए लाइट लगाने की मांग की।
जिस पर पुलिस प्रशासन के रूख के चलते मार्ग पर कांवड़ यात्रा के लिए एनएचएआई द्वारा अस्थाई पथप्रकाश व्यवस्था कराई।


