आरओबी को चौड़ा करना संभव नहीं, लेन का दायरा बढ़ाने पर मंथन शुरू
-दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर जाम की समस्या के समाधान पर एनएचएआई गंभीरनई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पांडव नगर की तरफ वाले कैरिजवे को चौड़ा किया जा सकता है। भारतीय...

-दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर जाम की समस्या के समाधान पर एनएचएआई गंभीर नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पांडव नगर की तरफ वाले कैरिजवे को चौड़ा किया जा सकता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने ऐसा करने के लिए अध्ययन कराने पर मंथन कर रहा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की संस्तुति पर इस काम को कराने की तैयारी चल रही है। वहीं, एनएचएआई ने ट्रैफिक पुलिस को स्पष्ट कर दिया है कि इस कैरिजवे पर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) को चौड़ा नहीं किया जा सकता, क्योंकि उसके बेहद करीब नेहरू एन्क्लेव के कई मकान है।
जाम की समस्या
अप्रैल में इस एक्सप्रेसवे का प्रधानमंत्री ने उद्धाटन किया था। तब से इस पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।शकरपुर स्कूल ब्लॉक के पास जहां पर विकास मार्ग की स्लिप रोड एक्सप्रेसवे से मिल रही है, वहां से अक्षरधाम तक जाने वाले कैरिजवे पर रोज जाम लग रहा है। इस जाम का कारण है कि आरओबी और उससे आगे बन रहा बॉटलनेक है। पांच लेन का ट्रैफिक आगे तीन लेन में फंस जाता है। इस समस्या को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दो सुझाव दिए थे। एक यह था कि पुराने आरओबी के साथ दो लेन का नया आरओबी बना दिया जाए। दूसरा सुझाव यह था कि पांडव नगर की तरफ वाले कैरिजवे को एक लेन के बराबर चौड़ा कर दिया जाए, जिससे वाहन आसानी से निकल सकें।
एनएचएआई की प्रतिक्रिया
एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के साथ स्थल निरीक्षण किया गया। जिसमें पाया कि आरओबी में दो लेन बढ़ाना संभव नहीं है, क्योंकि उसके साइड में नेहरू एन्क्लेव के मकान आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरओबी से आगे कैरिजवे को चौड़ा करने की संभावना तलाशने के लिए अध्ययन कराएंगे। हालांकि काफी संख्या में पेड़ आड़े आ रहे हैं, लेकिन संभावना तलाश कर समस्या को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
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