डीडीए भर्ती में फर्जीवाड़े के आरोपी को दी जमानत
साकेत कोर्ट ने डीडीए की एमटीएस भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपी देश राज मीणा को नियमित जमानत दी है। 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर आरोपी को रिहा किया गया। आरोपी पर किसी भी तरह की पूछताछ बाकी नहीं है, और उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। मामले में चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है।

नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। साकेत कोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की एमटीएस भर्ती परीक्षा में बायोमेट्रिक और दस्तावेजों के मिलान में गड़बड़ी के आरोपी देश राज मीणा को नियमित जमानत दे दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहम्मद एहतशाम की अदालत ने आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती पर रिहा करने का आदेश दिया। जमानत याचिका दाखिल करने वाले एडवोकेट उमेश बरनवाल ने बताया कि मामले में चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है। आरोपी से अब कोई पूछताछ बाकी नहीं है और उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है। आरोपी 28 अप्रैल 2026 से न्यायिक हिरासत में था और पूरा ट्रायल होने में लंबा समय लगने की संभावना को देखते हुए उसे और अधिक समय तक जेल में रखना उचित नहीं पाया गया।
मामले का विवरण
यह मामला कोटला मुबारकपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है, जो डीडीए अधिकारियों की शिकायत पर दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार, भर्ती के तहत एमटीएस पद के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए देश राज मीणा जब आईएनए स्थित विकास सदन में दस्तावेज सत्यापन के लिए पहुंचे, तो वहां उनके बायोमेट्रिक और तस्वीरों का मिलान नहीं हुआ। सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील उमेश बरनवाल ने दलील दी कि देश राज एक छात्र हैं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। वहीं, अतिरिक्त लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध करते हुए आरोपों को बेहद गंभीर बताया। जांच अधिकारी (आईओ) द्वारा दाखिल की गई रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि तकनीकी निगरानी के जरिए पकड़े गए सह-आरोपी प्रेमजीत कुमार शेरवाली ने कबूल किया था कि उसने देश राज की जगह परीक्षा दी थी और इसके बदले अपने खाते में 20 हजार रुपये का ऑनलाइन भुगतान लिया था।


