घोटाले में दोषी ठहराए गए दो भाई बरी
नई दिल्ली के राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने दिल्ली जल बोर्ड के ट्यूबवेल रे-बोरिंग घोटाले में दोषी ठहराए गए कपिल और रितेश वालिया को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि सीबीआई आरोप साबित करने में असफल रही, जिससे पहले की सजा को रद्द किया गया। मामला 2007-08 का है।

नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने दिल्ली जल बोर्ड के ट्यूबवेल री-बोरिंग कार्य में कथित घोटाले के मामले में दोषी ठहराए गए दो भाइयों कपिल वालिया और रितेश वालिया को बरी कर दिया है। विशेष न्यायाधीश संजय जिंदल की अदालत ने कहा कि सीबीआई यह साबित करने में विफल रही कि कार्य आदेश के अनुसार जॉनसन पाइप नहीं लगाए गए थे या आरोपियों ने डीजेबी अधिकारियों के साथ मिलकर कोई आपराधिक साजिश रची थी। इसी आधार पर सत्र अदालत ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई दोषसिद्धि और सजा को रद्द कर दिया गया। मामला वर्ष 2007-08 में डीजेबी के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में ट्यूबवेल लगाने और री-बोरिंग के कार्यों से जुड़ा था।
सीबीआई का आरोप था कि ठेकेदारों और जल बोर्ड के कुछ अधिकारियों ने मिलकर जॉनसन पाइप की जगह कम गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल किया और भुगतान हासिल करने के लिए फर्जी बिलों का सहारा लिया। इस मामले में निचली अदालत ने अगस्त 2025 में कपिल वालिया और रितेश वालिया को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ दोनों ने अपील दायर की थी।


