कुलदीप की पत्नी बोली-उन्हें कंडक्टर ने फंसा दिया
दिल्ली में चलती बस में एक नाबालिग छात्रा के साथ गैंगरेप के आरोप में गिरफ्तार चालक कुलदीप शर्मा के परिजनों ने उसे झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया। कुलदीप की पत्नी और मां ने निर्दोष होने का दावा किया है और जांच की मांग की है। परिवार को गांव में रंजिश और जमीन विवाद से भी डर है।

डेरापुर(कानपुर देहात), संवाददाता। दिल्ली में चलती स्लीपर बस में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप के आरोप में गिरफ्तार किए गए चालक के परिजन और गांव के लोग उसे मामले में गलत तरीके से फंसाने का आरोप लगा रहे हैं। चालक की पत्नी ने बताया कि पति ने फोन कर कहा था कि कंडक्टर ने हमें फंसा दिया। हम पुलिस की गिरफ्त में हैं।
गैंगरेप मामला
बता दें कि ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक करीब 47 किमी. के सफर में चलती बस में गैंगरेप के सनसनीखेज मामले में डेरापुर थाना क्षेत्र के लड़ुवापुर गांव निवासी चालक कुलदीप शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। उसके पकड़े जाने की सूचना के बाद परिजन और गांव के लोग हैरान हैं। ग्रामीणों की मानें तो कुलदीप हर 15 दिन बाद गांव आता था, लेकिन उसका आचरण कभी इस तरह का नहीं रहा। वहीं कुलदीप की पत्नी अर्चना निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। उसने बताया कि पति 15 साल से बस चला रहे हैं। उन पर कभी कोई उंगली नहीं उठी। दिल्ली में पकड़े जाने पर उन्होंने फोन करके बताया था कि कंडक्टर संदीप ने उसे फंसा दिया है। मां श्याममूर्ति भी बेटे को निर्दोष बता रहीं हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने बिना पूरी जांच किए ही बेटे को जेल भेज दिया है। परिजनों को लगता है कि बेटे को साजिश करके फंसाया गया है。
गांव की रंजिश
परिवार के लोगों ने गांव की रंजिश में भी कुलदीप को फंसाने का शक जताया है। गांव में जमीन विवाद को लेकर पिता रामचंद्र शर्मा की मौत हो गई थी। इस पर कुलदीप के भाई प्रदीप ने 16 मई 2026 को एक पूर्व प्रधान के परिवार पर मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के दो दिन बाद ही पूर्व प्रधान की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि उस परिवार का एक लड़का नोएडा में रहता है। अपने परिवार के लोगों को बचाने के लिए वह साजिश करके कुलदीप को फंसा सकता है।


