केंद्र सरकार डीयू के सभी छात्रों के लिए हॉस्टल बनाए- आप
- दिल्ली सरकार की लापरवाही के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं- केजरीवालनई दिल्ली प्रमुख संवाददाता सत्य निकेतन में इमारत गिरने को लेकर आप ने सरकारी लारवाही को जिम्मेदार बताया है। ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय...

सत्य निकेतन में इमारत गिरने को लेकर आप ने सरकारी लारवाही को जिम्मेदार बताया है। ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी समेत तमाम नेताओं ने इस हादसे को लेकर अत्यंत दुख व चिंता जताई है। आप ने मांग की है कि केंद्र सरकार दिल्ली यूनिवर्सिटी के सभी छात्रों के लिए हॉस्टल बनाए। जब छात्रों के लिए हॉस्टल नहीं बनते हैं, तब तक केंद्र सरकार पीजी का किराया दे।
हादसे के कारण
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं। सरकार को नींद से जागना होगा। बड़े स्तर पर एक्शन लेकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है। घटना स्थल का दौरा करने के उपरांत सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुझे आस-पास के रहने वाले लोगों ने बताया है कि इस मलबे में पीजी के कई नौजवान बच्चे फंसे हुए हैं। साकेत के सैदुलाजाब में जब चार मंजिला इमारत गिरी थी, तो कहा गया था कि दिल्ली की सभी इमारतों का ऑडिट कराया जाएगा। लेकिन कुछ नहीं किया गया, जिसके चलते इस तरह का हादसा हुआ।
सरकार की लापरवाही
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब साकेत में बिल्डिंग गिरी थी, तब भी हमने कहा था कि उस चार मंजिला इमारत में अवैध तरीके से बेसमेंट बनाया जा रहा था। इसकी बार-बार शिकायत की गई, यहां तक कि मामला कोर्ट तक गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह, सत्य निकेतन में गिरी चार मंजिला इमारत में भी, जहां दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के छात्र पीजी में रहते थे, चलती- चलाती बिल्डिंग में अवैध तरीके से बेसमेंट खोदने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने सरकार इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराए और लापरवाही के लिए ज़िम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
एमसीडी की स्थिति
एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा शासित एमसीडी में लगातार हादसे हो रहे हैं। कभी मालवीय नगर, कभी सैदुलाजाब, कभी रोहिणी, तो कभी चांदनी चौक और दरियागंज में हादसे हो रहे हैं। प्रवीण कुमार ने कहा कि जिस तरह इस बिल्डिंग की कंप्लेंट थी, उसी तरह सैदुलाजाब की बिल्डिंग की भी शिकायत की गई थी। वहां भी बनी-बनाई बिल्डिंग में नीचे बेसमेंट खोदा जा रहा था और ऊपर लेंटर डाला जा रहा था।


