दिल्ली में एक दशक में सर्वाधिक साफ हवा के दिन, इस साल 179 दिन
2016 में 94 दिन की तुलना में 85 दिन का सुधार, 15 सितंबर को एक्यूआई 98 रहा नई दिल्ली। दिल्ली में पर्यावरण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 15 सितंबर तक 179 दिन साफ हवा वाले हैं, जो पिछले एक दशक में सबसे अधिक है। सरकार स्वच्छ हवा के लिए अपने प्रयासों को मजबूत करने का आश्वासन देती है।

2016 में 94 दिन की तुलना में 85 दिन का सुधार, 15 सितंबर को एक्यूआई 98 रहा नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता
दिल्ली में साफ हवा के दिन
राजधानी दिल्ली में इस साल 15 सितंबर तक 179 दिन साफ हवा वाले दर्ज किए गए हैं। पर्यावरण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यह पिछले एक दशक में इस अवधि तक सबसे अधिक है। वर्ष 2016 में एक जनवरी से 15 सितंबर के बीच ऐसे दिनों की संख्या 94 थी। पिछले वर्ष इसी अवधि में 172 दिन साफ हवा वाले दर्ज किए गए थे। सरकार ने इसे वायु गुणवत्ता में सुधार का संकेत बताया है।
पर्यावरण मंत्री का बयान
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में स्पष्ट और निरंतर सुधार हो रहा है। 2016 के 94 दिनों की तुलना में इस वर्ष 179 साफ हवा के दिन होना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा के लिए सरकार अपने प्रयासों को और मजबूत करेगी।
वायु गुणवत्ता सूचकांक
15 सितंबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 98 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी में रहा। विभाग के अनुसार, प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर कार्रवाई और धूल नियंत्रण के उपायों से वायु गुणवत्ता में सुधार में मदद मिली है।
सड़क सफाई और प्रदूषण नियंत्रण
पिछले 24 घंटे में 81 मशीनीकृत सड़क सफाई मशीनों से करीब 2,279 किलोमीटर सड़कों की सफाई की गई। इस दौरान करीब 170 मीट्रिक टन सड़क की धूल एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण के लिए भेजी गई। वाहनों से संबंधित प्रदूषण नियमों के उल्लंघन पर 4,976 चालान किए गए।
कचरा प्रबंधन
कचरा प्रबंधन के तहत करीब 12,715 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया गया, जबकि निर्माण एवं मलबे से जुड़े करीब 2,113 मीट्रिक टन मलबे को हटाया गया। भलस्वा, गाजीपुर और ओखला के कचरा निस्तारण स्थलों पर बायोमाइनिंग के जरिए करीब 19,212 मीट्रिक टन पुराने संचित कचरे का प्रसंस्करण भी किया गया।
भविष्य की योजनाएँ और जनभागीदारी
सरकार के अनुसार, धूल नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर कार्रवाई और बायोमाइनिंग के साथ जनभागीदारी को वायु गुणवत्ता सुधार के लिए आगे भी जारी रखा जाएगा।


